अहमदाबाद, 8 जून (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने सोमवार को कहा कि उसे अर्जेंटीना की पहली द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात परियोजना के लिए 10 साल का समुद्री सेवा अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) मिला है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी ने दक्षिण अमेरिका में अपना प्रवेश कर लिया है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है। साथ ही इससे भारत और अर्जेंटीना के बीच बढ़ते ऊर्जा संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परिवहन उपयोगिता कंपनी ने बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट उसकी स्टेप-डाउन सहायक कंपनी अदाणी हार्बर इंटरनेशनल एफजेडसीओ को अर्जेंटीना की मेरिडियन ग्रुप के साथ गठित एक कंसोर्टियम के माध्यम से मिला है, जो सदर्न एनर्जी एसए द्वारा आयोजित वैश्विक प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बाद किया गया।
अदाणी समूह और मेरिडियन ग्रुप का यह कंसोर्टियम सदर्न एनर्जी एफएलएनजी परियोजना के लिए समुद्री सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना में लगभग 7 करोड़ डॉलर (70 मिलियन डॉलर) के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल है।
परियोजना के पहले चरण में हर साल 2.45 मिलियन टन (एमटी) एलएनजी उत्पादन होने की उम्मीद है, जो लगभग 28 एलएनजी कार्गो के बराबर होगा। इसके साथ ही यह अर्जेंटीना की पहली परिचालन एलएनजी निर्यात परियोजना बन जाएगी।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा, "यह परियोजना दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े ऊर्जा अवसंरचना प्रोजेक्ट्स को समर्थन देने की हमारी बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।"
उन्होंने कहा कि कंपनी 12 देशों में समुद्री संचालन कर रही है और उसके पास बंदरगाहों, एलएनजी टर्मिनलों, राष्ट्रीय तेल कंपनियों, रिफाइनरियों और अपतटीय सुविधाओं को समर्थन देने वाले समुद्री संसाधनों का मजबूत नेटवर्क है। इससे जटिल समुद्री वातावरण में संचालन का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर कंपनी भरोसेमंद समुद्री तंत्र विकसित करने में मदद कर रही है, जिससे नए ऊर्जा व्यापार गलियारों का निर्माण होगा और दीर्घकालिक आपूर्ति सुरक्षा मजबूत होगी।
समझौते के तहत कंसोर्टियम एलएनजी कैरियर जहाजों के लिए टगबोट संचालन, अपतटीय लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति सहायता और क्रू ट्रांसफर सेवाओं सहित संपूर्ण समुद्री सेवाएं प्रदान करेगा।
अर्जेंटीना तेजी से एक बड़े एलएनजी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है, और उसने 2027 से भारत को हर साल 1 करोड़ टन तक एलएनजी निर्यात करने के लिए समझौते किए हैं।
सदर्न एनर्जी की एफएलएनजी परियोजना वैश्विक मांग केंद्रों को अर्जेंटीना की बढ़ती एलएनजी आपूर्ति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कंपनी के अनुसार, इस परियोजना के संचालन के लिए चार अत्याधुनिक टगबोट, एक एंकर हैंडलिंग टग सप्लाई वेसल और एक क्रू बोट तैनात की जाएगी, जो समुद्री सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद करेंगी।