हरिद्वार क्राइम न्यूज़: कौशल्या हत्याकांड का खुलासा, लिव-इन पार्टनर ने भाई और जीजा के साथ मिलकर की थी हत्या

चंडी देवी मंदिर दर्शन के बहाने हरिद्वार लाई गई कौशल्या की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। 600 घंटे CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Haridwar Crime News

हरिद्वार: हरिद्वार के चर्चित कौशल्या हत्याकांड का श्यामपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला के लिव-इन पार्टनर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि शादी का दबाव बनाए जाने से परेशान होकर आरोपी ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने महिला को चंडी देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार बुलाया और सुनसान क्षेत्र में उसकी हत्या कर शव फेंक दिया।

ब्लाइंड मर्डर केस बना पुलिस के लिए चुनौती

10 मई को चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास जंगल क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि चेहरे से पहचान करना लगभग असंभव था। घटनास्थल से दो कुंडल, टूटा हुआ मंगलसूत्र, सफेद गमछा तथा गले में कसा हुआ ब्लाउज बरामद हुआ था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने विशेष टीम का गठन किया और मामले की जांच सीआईयू तथा श्यामपुर पुलिस को सौंपी गई।

मृतका की पहचान करना था सबसे बड़ा टास्क
हाथ पर बने टैटू बने अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में "KAUSHILYA" नाम गुदा हुआ मिला। वहीं दूसरे हाथ पर "K.R" अक्षर, दिल का चिन्ह तथा ओम का निशान बना हुआ था। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने पहचान की दिशा में काम शुरू किया।

पुलिस ने 2019 से अब तक कौशल्या नाम से दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जांच की। इसके अलावा निर्वाचन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न राज्यों के पुलिस रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया गया।

600 घंटे की CCTV फुटेज और लाखों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण

पुलिस टीम ने 1 मई से 10 मई तक घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस दौरान करीब 600 घंटे की CCTV फुटेज का विश्लेषण किया गया। साथ ही लगभग 1.64 लाख मोबाइल नंबरों और तकनीकी डेटा की जांच की गई।

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण फुटेज सामने आई, जिसमें रात के समय तीन पुरुष और एक महिला चंडी देवी मंदिर की ओर जाते दिखाई दिए। हालांकि वापस लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी। इसी सुराग ने जांच को नई दिशा दी।

कौन थी कौशल्या?

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली कौशल्या के रूप में हुई। कौशल्या पहले से शादीशुदा थी और उसका एक चार वर्षीय बेटा भी है। बाद में उसके संबंध रामप्रकाश उर्फ गोविंदा से बने और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।

पुलिस जांच में सामने आया कि कौशल्या लगातार रामप्रकाश पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिससे वह परेशान था।

शादी के दबाव से परेशान होकर रची हत्या की साजिश
भाई और जीजा को भी बनाया साजिश का हिस्सा

पुलिस के मुताबिक रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपियों ने हत्या के लिए हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान न हो सके और पुलिस तक मामला न पहुंच पाए।

8 मई को कौशल्या को चंडी देवी मंदिर दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार लाया गया। यहां सुनसान स्थान पर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव जंगल में फेंक दिया गया।

700 किलोमीटर दूर बांदा पहुंची हरिद्वार पुलिस

तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस करीब 700 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची। वहां से रामप्रकाश, राकेश और छेदीलाल को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार आरोपी
1. राकेश

ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश

2. रामप्रकाश उर्फ गोविंदा

ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश

3. छेदीलाल

ग्राम काहला गंछा, थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश

Haridwar Crime News: 25 दिन की जांच के बाद खुला राज

इस ब्लाइंड मर्डर केस में मृतका और आरोपी दोनों ही शुरुआत में अज्ञात थे। 25 दिनों तक चली जांच, 600 घंटे की CCTV फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों के विश्लेषण और तकनीकी जांच के बाद हरिद्वार पुलिस ने मामले का सफल खुलासा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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