देहरादून: लैंड-जिहाद की घटना को लेकर भारतीय हिन्दू रक्षा वाहिनी के आक्रोशित कार्यकर्ता आज पीड़ित महिला सहित नगर निगम के नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर नगर आयुक्त को पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पीड़ित महिला सहित वाहिनी के कार्यकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर वहां भी लिखित शिकायत दर्ज करवाई। इस अवसर पर वाहिनी के अध्यक्ष मदन बिष्ट ने बताया कि इरशाद नामक व्यक्ति जो की कथित रूप से सहज धरा का सहस्त्रधारा का निवासी है तथा पहले से ही शादीशुदा है उसके द्वारा पन्द्रह वर्ष पूर्व हिंदू महिला को बहन बताकर पीड़ित नीलम राणा के माता-पिता से षड्यंत्र कर थोड़ी सी जमीन दी थी ली थी परंतु जिहादी मानसिकता के फिर साथ में साम दाम दंड भेद की नीति से जमीन के मालिक जिनको की परिवार नियोजन के अंतर्गत भूमि प्रस्तावित हुई थी को वहां से योजनाबद्ध तरीके से एक सौ रूपये के स्टाम्प पर औने-पौने दामों में डरा धमकाकर भूमि पर निर्माण कर दिया। उन्होंने बताया कि आने जाने वाली रास्ते पर अतिक्रमण कर आम रास्ते के अंतिम छोर में रहने वाली पीड़ित नीलम राणा के परिवार का रास्ता बंद कर अवैध कब्जा कर दिया जिसको लेकर पीड़ित और अपराधिक प्रवृत्ति के इरशाद के बीच कई बार विवाद हुआ और क्षेत्र तथा सामाजिक संगठन के वरिष्ठ व्यक्तियों के द्वारा हस्तक्षेप कर मौखिक रूप से मामले को शांत कर दिया गया परंतु अब इरशाद द्वारा पुनः नीलम राणा के परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है जो की वाहिनी के कार्यकर्ता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगें। इस अवसर पर पीड़ित नीलम राणा ने कहा कि ओल्ड राजपुर थानी गांव की समस्त भूमि ग्राम पंचायत के अंतर्गत बसी थी, जो कि अब नगर निगम में पट्टेदार के रूप में दर्ज है। मेरे आवासीय भूमि का आने जाने वाले रास्ते सहित मूल्यांकन रजिस्टर्ड पंजीकरण है। जिसके अंतर्गत बिजली, पानी तथा आवास टैक्स का भुगतान नियमित रूप से मेरे द्वारा किया जाता है।







