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भारतीय भाषा समर कैंप आयोजित किये जाने से शिक्षकों में गहरा रोष

समर कैंप की अनिवार्यता से शिक्षकों में आक्रोश, ग्रीष्म अवकाश पर पड़ी चोट
teachers summer leave issue

देहरादून: ग्रीष्म अवकाश में एक सप्ताह 27 मई से आगामी दो जून तक का भारतीय भाषा समर कैंप आयोजित किये जाने से शिक्षकों में गहरा रोष है। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ रायपुर के अध्यक्ष अरविन्द सिंह सोलंकी ने कहा कि अन्य कर्मचारी को प्रतिवर्ष मिलने वाले तीस उपार्जित अवकाश ईएल के स्थान पर शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश प्रदान किया जाता है जिसका उपयोग शिक्षक अपने पूर्व निर्धारित कार्यों को संपादित करने के लिए करते हैं, परंतु इस सप्ताह जारी विभिन्न विभागीय आदेशों के अनुसार ग्रीष्म अवकाश के प्रथम दिवस 27 मई से एक सप्ताह का भारतीय भाषा समर कैंप आयोजित किया जाना है, जिसमें सभी विद्यालय तथा शिक्षकों को प्रतिभाग करना अनिवार्य है। इस अवसर पर कहा गया कि उक्त आदेश के कारण शिक्षकों के अवकाश के दौरान पूर्व निर्धारित कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे शिक्षकों को भारी आर्थिक क्षति के साथ ही मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ रहा है। इस कारण शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने ग्रीष्मावकाश में आयोजित किये जाने वाले इस समर कैंप को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।