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यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने की निंदा

हूती विद्रोहियों ने सऊदी एयरबेस पर किया मिसाइल और ड्रोन हमला
यमन

सना, 14 सितंबर (आईएएनएस)। यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित एक प्रमुख सैन्य एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। सीमा पार बढ़ते तनाव के बीच इस हमले को क्षेत्र में सैन्य टकराव में बड़ी वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर जारी बयान में सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह ने यमन की सीमा के पास दक्षिण-पश्चिमी सऊदी शहर खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाकर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे।

सरी के अनुसार, हमले में एयरबेस के लड़ाकू विमानों के हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे, गोला-बारूद भंडार और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि हमले “सटीक और सीधे” थे और इससे एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि, सऊदी अधिकारियों की ओर से हूती के दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हमले में संभावित हताहतों या नुकसान की भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इस बीच, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हूती हमले की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमले की निंदा करती हूं। हम लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अपने साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थिरता में सभी का हित जुड़ा है।

हूती प्रवक्ता सरी ने दावा किया कि यह अभियान यमन में सऊदी हवाई हमलों के जवाब में चलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में सऊदी एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 300 से अधिक हवाई हमले किए हैं।

सरी ने चेतावनी दी कि जब तक यमन पर हवाई हमले जारी रहेंगे, हूती सऊदी क्षेत्र के अंदर गहराई तक हमले करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगे किसी भी तरह की सैन्य वृद्धि का जवाब और व्यापक सैन्य अभियान के जरिए दिया जाएगा।

यह दावा ऐसे समय आया है जब हूती विद्रोहियों ने 3 सितंबर से व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर रखा है। समूह ने लाल सागर के तट पर अग्रिम मोर्चों में तेजी से बदलाव करते हुए लाल सागर के होदेइदाह प्रांत और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ प्रांत के कई सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों पर कब्जा करने का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा करने के बाद दक्षिण की ओर बढ़ते हुए बाब अल-मंदब स्ट्रेट के क्षेत्र में प्रवेश किया और इस जलमार्ग के बीच स्थित मयून द्वीप पर भी कब्जा कर लिया। इससे लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर हूती समूह का नियंत्रण और मजबूत हुआ है।

शुक्रवार को इस क्षेत्र में बढ़त हासिल करने के बाद हूती समूह ने कहा था कि स्ट्रेट से अंतरराष्ट्रीय नौवहन “स्वतंत्र, सुरक्षित और सुचारू” बना हुआ है। हालांकि, उसने 20 जुलाई को लगाए गए समुद्री प्रतिबंध के तहत सऊदी जहाजों को इस व्यवस्था से बाहर रखने की बात दोहराई थी।

यमन में संघर्ष की शुरुआत 2014 के अंत में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

--आईएएनएस

डीएससी