वैश्विक शासन पर सीजीटीएन का सर्वेक्षण

वैश्विक समुदाय में सुरक्षा संबंधी मांग और चुनौतियां
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बीजिंग, 17 सितंबर (आईएएनएस)। उथल-पुथल से भरी और अशांति अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में सुरक्षा घाटा चिंताजनक हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में सुरक्षा संबंधी मांग की कमी कभी नहीं रही है, लेकिन जो चीज सचमुच दुर्लभ है, वह है सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने का प्रभावी तरीका।

चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (सीजीटीएन) ने हाल में वैश्विक नेटीजनों के बीच एक सर्वेक्षण किया। इसमें शामिल 89.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने विभिन्न देशों से वार्ता के जरिए अंतर्राष्ट्रीय विवाद का समाधान करने की अपील की। 20 साल से आयोजित हो रहे पेइचिंग श्यांगशान फोरम लोकमत की उम्मीद पर सकारात्मक प्रतिक्रिया ही है।

सर्वेक्षण में शामिल 80.8 फीसदी उत्तरदाता प्रभुत्वावाद, बल-राजनीति और अन्य देशों पर मनमाने ढंग से प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई का विरोध करते हैं। 74.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि किसी देश को अपनी मूल्य अवधारणा और व्यवस्था जबरन दूसरों पर नहीं लादनी चाहिए।

इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रबंधन केवल कुछ बड़े देशों का ही मामला नहीं हो सकता। वैश्विक दक्षिण देशों को अधिक प्रतिनिधित्व वाली आवाज उठानी होगी। वर्तमान पेइचिंग श्यांगशान फोरम में ग्लोबल साउथ के देशों की भूमिका और विजन को उजागर किया गया।

सर्वेक्षण में शामिल 80.4 प्रतिशत वैश्विक दक्षिण देशों के उत्तरदाताओं ने कहा कि शीतयुद्ध की विचारधारा और बल-राजनीति विश्व शांति को खतरे में डालती है। विभिन्न देशों को एक साथ संतुलित, प्रभावी और टिकाऊ सुरक्षा ढांचा स्थापित करना चाहिए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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