पेरिस, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने एक बार फिर उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को दोबारा शुरू कराने में अपने देश की सक्रिय भूमिका का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया इस प्रक्रिया में ‘पेसमेकर’ की भूमिका निभाएगा, ताकि दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल हो सके और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के विस्तार को रोकने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि ली ने यह बात फ्रांसीसी समाचार पत्र ले मोंद को दिए एक लिखित साक्षात्कार में कही। यह साक्षात्कार रविवार को प्रकाशित हुआ, जब ली चार दिवसीय फ्रांस यात्रा के पहले पड़ाव के तौर पर नाइस पहुंचे। यात्रा के दौरान उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पेरिस में शिखर बैठक भी प्रस्तावित है।
ली ने कहा कि वह उत्तर कोरिया-अमेरिका वार्ता को फिर से गति देने वाले ‘पेसमेकर’ की भूमिका निभाना चाहते हैं। उनका मानना है कि संवाद की बहाली से प्योंगयांग के परमाणु हथियारों और क्षमताओं के लगातार विस्तार पर अंकुश लगाने का रास्ता खुल सकता है।
ली ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कुछ उपायों से रातों-रात "अविश्वास की दीवार" को गिराया जा सकता है। उन्होंने उत्तर कोरिया के प्रति अपनी सरकार की "शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व" की नीति को पूरा करने के प्रयासों को दोहराया, जिसका मकसद दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना और शांति स्थापित करना है।
राष्ट्रपति ने दक्षिण कोरिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां गठबंधन की स्थिरता को खतरे में डालने वाला हमला नहीं हैं, बल्कि बदलते समय की नई मांगों के अनुसार गठबंधन में बदलाव लाने की मंशा को दर्शाती हैं।
ली ने इस बात पर जोर दिया कि सोल रक्षा खर्च बढ़ाकर और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करके गठबंधन में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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