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दूसरी आपदा राहत टीम नेपाल भेजेगा दक्षिण कोरिया, पुनर्वास और पुनर्निर्माण चरण में करेंगे मदद

South

सोल, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान से आगे बढ़कर पुनर्वास और पुनर्निर्माण के चरण में मदद के लिए अपनी दूसरी आपदा राहत टीम भेजेगा। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के मुताबिक, आठ सदस्यीय कोरिया डिजास्टर रिलीफ टीम (केडीआरटी) सैन्य परिवहन विमान केसी-330 से नेपाल रवाना होगी और शुक्रवार को वहां पहुंचेगी। टीम में विदेश मंत्रालय के अधिकारी, दमकलकर्मी, कोरिया इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (कोओआईसीए) के कर्मचारी और चिकित्सा दल शामिल हैं।

मंत्रालय के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि टीम में कुछ बचावकर्मी भी होंगे, लेकिन सात दिनों के मिशन के दौरान उसका मुख्य ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और राहत के बाद की बहाली से जुड़े कार्यों पर रहेगा।

नेपाल के रसुवा जिले में नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद दक्षिण कोरियाई कंपनियों के नौ कर्मचारी लापता हो गए थे। इनमें छह लोग डूसान एनर्जीबिलिटी कंपनी के और तीन कोरिया साउथ-ईस्ट पावर कंपनी के कर्मचारी हैं। वे एक जलविद्युत संयंत्र के निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे।

दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क दू-सून ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "नेपाल ने अब अपना अभियान खोज एवं बचाव से हटाकर पुनर्निर्माण और पुनर्वास पर केंद्रित करने का फैसला किया है और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए दक्षिण कोरिया से मदद मांगी है।"

इस बीच, पिछले सप्ताह नेपाल भेजी गई केडीआरटी की 44 सदस्यीय पहली टीम अपना 10 दिन का खोज एवं बचाव अभियान पूरा करने के बाद दक्षिण कोरिया लौटेगी।

पहली टीम ने स्थानीय अधिकारियों और कंपनियों की राहत टीमों के साथ मिलकर ड्रोन, हेलीकॉप्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, अब तक लापता दक्षिण कोरियाई नागरिकों का कोई सुराग नहीं मिला है।

लापता कर्मचारियों के परिवारों ने पहली केडीआरटी टीम के अभियान को समाप्त करने की योजना का विरोध किया है। कोरिया साउथ-ईस्ट पावर के तीन लापता कर्मचारियों के परिवारों ने अधिकारियों से उन इलाकों में जमीनी तलाश जारी रखने की अपील की है, जहां उन्हें आशंका है कि कर्मचारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए होंगे।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लापता कर्मचारियों के परिवारों की बात गंभीरता से सुनें और उनकी इच्छाओं को यथासंभव ध्यान में रखते हुए जरूरी कदमों की समीक्षा करें।

पार्क ने कहा, "सरकार समझती है कि परिवार कितने चिंतित और परेशान होंगे। हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और उनकी इच्छाओं का सम्मान करने के लिए जरूरी कदमों की समीक्षा करेंगे।"

--आईएएनएस

केआर/