Advertisement banner

दुनिया की आर्थिक बढ़ोतरी की अगली बड़ी लहर का नेतृत्व करने की क्षमता भारत के पास: आईएमएफ

भारत को 'दुनिया की अगली आर्थिक वृद्धि का इंजन' करार
दुनिया

वॉशिंगटन, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की पांच द‍िवसीय यात्रा पूरी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने भारत को लेकर बड़ी बात कही। उन्‍होंने कहा क‍ि भारत के पास दुनिया की आर्थिक बढ़ोतरी की अगली बड़ी लहर का नेतृत्व करने की क्षमता है। इसकी वजह देश की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र की तेज प्रगति और लगातार बढ़ती तकनीकी क्षमताएं हैं।

भारत की यात्रा के दौरान इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया।

वॉशिंगटन से जारी एक बयान में क्लार्क ने कहा, "भारत दुनिया की अगली आर्थिक वृद्धि को गति देने की क्षमता रखता है और आईएमएफ इस सफर में देश का करीबी साझेदार बना रहेगा।"

आईएमएफ में उप-प्रबंध निदेशक बनने के बाद यह क्लार्क की भारत की पहली यात्रा थी। उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, "आईएमएफ के उप-प्रबंध निदेशक के रूप में पहली बार भारत आकर मुझे बहुत खुशी हुई। नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और अन्य लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला।"

क्लार्क ने निर्मला सीतारमण, संजय मल्होत्रा और अशोक कुमार लाहिड़ी को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत और सकारात्मक चर्चाओं के लिए धन्यवाद दिया।

आईएमएफ अधिकारी ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया और कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, "मजबूत आर्थिक आधार और अच्छी नीतियों की वजह से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और वैश्विक विकास का एक प्रमुख इंजन है।"

क्लार्क ने बताया कि भारतीय नीति-निर्माताओं के साथ उनकी बातचीत में देश की आर्थिक स्थिति, वैश्विक परिस्थितियों में हो रहे बदलाव और टिकाऊ तथा सबको साथ लेकर चलने वाली आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, "दुनिया में बढ़ती अनिश्चितताओं और बदलते जोखिमों के बीच आर्थिक स्थिरता और मजबूती बनाए रखना बेहद जरूरी है।"

उन्होंने कहा क‍ि हमने इस बात पर चर्चा की कि नीतियां परिस्थितियों के अनुसार लचीली बनी रहें, महंगाई नियंत्रण में रहे और ऐसे सुधार आगे बढ़ाए जाएं जो उत्पादकता बढ़ाएं, प्रतिस्पर्धा मजबूत करें और मध्यम अवधि में तेज विकास को बनाए रखें। क्लार्क ने भारत सरकार को बहुपक्षीय सहयोग को समर्थन देने और क्षेत्र के अन्य देशों की मदद करने के लिए भी धन्यवाद दिया।

यात्रा के दौरान उन्होंने कई उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से मुलाकात की और यह समझने की कोशिश की कि भारत का निजी क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति में किस तरह योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा क‍ि मुझे व्यापार जगत के नेताओं से बातचीत का अवसर मिला और मैं भारत के निजी क्षेत्र की ऊर्जा, यहां मौजूद प्रतिभाशाली लोगों और तेजी से विकसित हो रही तकनीकी तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं से काफी प्रभावित हुआ।

क्लार्क के अनुसार, नवाचार (इनोवेशन), डिजिटल बदलाव, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों को अपनाना ऐसे बड़े कारक हैं जो उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने कहा क‍ि हमारी चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, उन्नत विनिर्माण और तकनीक का व्यापक उपयोग उत्पादकता बढ़ा सकते हैं, प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकते हैं और अधिक मूल्य वाले आर्थिक कार्यों को बढ़ावा दे सकते हैं।

--आईएएनएस

एवाई/एएस