बीजिंग, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश में नई बनी फिंगलू नहर का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया गया। इसे पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण रीढ़ परियोजना माना जाता है।
जानकारी के अनुसार, फिंगलू नहर का निर्माण 28 अगस्त 2022 को शुरू हुआ था। इसकी कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है और इसे अंतर्देशीय श्रेणी-1 जलमार्ग के मानकों के अनुसार बनाया गया है। नहर पर 5,000 टन क्षमता वाले जहाज चल सकते हैं, जो चीन में अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए सबसे ऊंचे मानकों में से एक हैं।
यह नहर उत्तर में दक्षिण-पश्चिम चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश के हेंगचो शहर से शुरू होकर दक्षिण में छिनचो शहर के लिंगशान काउंटी से होते हुए छिनच्यांग नदी के रास्ते पेइपू खाड़ी तक जाती है। पूरी नहर पर माताओ, छिशी और छिंगनियन में तीन प्रमुख जल-स्तर केंद्र बनाए गए हैं।
इस परियोजना ने चार 'विश्व रिकॉर्ड' भी बनाए हैं। इनमें समान प्रकार की नहरों में दुनिया की सबसे मजबूत नौवहन क्षमता, समान प्रकार के जहाज लॉक में दुनिया की सबसे तेज नौवहन गति, दुनिया में जल-बचत जहाज लॉक में सबसे अधिक जल-स्तर अंतर और दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्देशीय जल-बचत जहाज लॉक शामिल हैं।
इसके अलावा, फिंगलू नहर पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की रेल और सड़क अवसंरचना के साथ मिलकर एक बहु-मॉडल परिवहन व्यवस्था तैयार करती है। इससे चीन के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों से आने वाले माल को समुद्र तक पहुंचाने में आसानी होगी। साथ ही, यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और पश्चिमी भूमि-समुद्री कॉरिडोर की लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने में भी मदद करेगी।
नहर के संचालन के बाद दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र का माल फिंगलू नहर के जरिए सीधे समुद्र तक पहुंच सकेगा। इससे पारंपरिक मार्ग की तुलना में अंतर्देशीय नौवहन दूरी 560 किलोमीटर से अधिक कम हो जाएगी और हर साल 5 अरब युआन से अधिक की परिवहन लागत बचने का अनुमान है। इससे दक्षिण-पश्चिम चीन की समुद्री पहुंच मजबूत होगी, नए दौर में पश्चिमी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और चीन-आसियान साझा भविष्य समुदाय के निर्माण को भी मजबूती मिलेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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