सोल, 11 जून (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने गुरुवार को दोहराया कि उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण उनका साझा लक्ष्य है। प्योंगयांग के परमाणु खतरों के खिलाफ आयोजित एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में दोनों ने अपना रुख स्पष्ट किया।
न्यूक्लियर कंसल्टेटिव ग्रुप (एनसीजी) की छठी बैठक गुरुवार को सोल में आयोजित की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब प्योंगयांग खुद को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के प्रयास तेज कर रहा है और उसने अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को कभी न छोड़ने की कसम खाई है।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के हवाले से बताया, "दोनों पक्ष उत्तर कोरिया की लगातार विकसित हो रही परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तथा बदलते सुरक्षा माहौल के बीच गठबंधन और विस्तारित प्रतिरोध को मजबूत करने के लिए एनसीजी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।"
बयान में आगे कहा गया, "दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने साझा लक्ष्य की पुनः पुष्टि की है।"
एनसीजी बैठक की अगुवाई दक्षिण कोरिया के नीति मामलों के उप रक्षा मंत्री किम होंग-चोल और अमेरिकी रक्षा विभाग में परमाणु प्रतिरोध एवं सामूहिक विनाश के हथियारों से निपटने के लिए उप सहायक सचिव रॉबर्ट सूफर ने की।
उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी सप्ताह प्योंगयांग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान इस मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।
इस विषय पर चीन की चुप्पी को बीजिंग की ओर से प्योंगयांग के परमाणु विस्तार को अप्रत्यक्ष समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
बुधवार को दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने भी एक संयुक्त बयान जारी कर चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया को अंतरराष्ट्रीय परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत कभी भी परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुवार की बैठक में अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के प्रति अपनी विस्तारित प्रतिरोध प्रतिबद्धता को भी दोहराया। विस्तारित प्रतिरोध का अर्थ है कि अमेरिका अपने सहयोगी की रक्षा के लिए परमाणु हथियारों सहित अपनी सभी सैन्य क्षमताओं का उपयोग करने के लिए तैयार रहेगा।
दोनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित परमाणु संकट की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों को मजबूत करने, संयुक्त योजनाओं की समीक्षा करने तथा अमेरिकी परमाणु अभियानों में दक्षिण कोरिया की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के उपयोग पर भी चर्चा की।
इसके अलावा, दोनों सहयोगी देशों ने एनसीजी गतिविधियों और परामर्श से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों से जुड़े एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
एनसीजी की स्थापना जुलाई 2023 में दोनों देशों के नेताओं की ओर से अपनाई गई वाशिंगटन घोषणापत्र (वाशिंगटन डेक्लेरेशन) के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु खतरों के खिलाफ दक्षिण कोरिया के लिए अमेरिकी सुरक्षा आश्वासन और विस्तारित प्रतिरोध की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
--आईएएनएस
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