ट्रंप ने ईरान पर लगाया फेक न्यूज फैलाने का आरोप, भारतीय नाविकों की मौत के लिए तेहरान को ठहराया जिम्मेदार

ट्रंप ने ईरान पर लगाया फेक न्यूज फैलाने का आरोप, भारतीय नाविकों की मौत के लिए तेहरान को ठहराया जिम्मेदार

वाशिंगटन, 12 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर झूठी खबर फैलाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के साथ अच्छी नीयत के साथ समझौता करना नामुमकिन है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने ओमान तट के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "ईरान ने जो शर्तें फेक न्यूज मीडिया को लीक कीं, उनका उन शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है जिन पर लिखकर सहमति बनी थी। उन्होंने जो कहा, जिसमें डील करने का उनका कमजोर और बेकार बयान भी शामिल है, उसका सच से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे लोगों से डील करना बहुत ही बेइज्जती भरा है। उनके साथ, अच्छी नीयत से डील करना नामुमकिन है।"

ओमान तट के पास जहाजों पर हमले में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा, "कल रात होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका पूरी तरह से नाकाम ड्रोन हमला बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।"

इससे पहले व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि बातचीत आखिरी चरण में पहुंच गई है और हफ्तों की लड़ाई के बाद एक बड़ी डिप्लोमैटिक कामयाबी के लिए डॉक्यूमेंट्स तैयार किए जा रहे हैं।

ट्रंप ने कहा, “हमने अभी-अभी ईरान के साथ युद्ध का एक बड़ा समझौता किया है, और हम डॉक्यूमेंट्स को फाइनल करने वाले हैं, जो अगले कुछ दिनों में हो जाना चाहिए। हमारे बीच एक समझौता हुआ है कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा और इसे पाने के लिए हमें जो कुछ भी करना पड़ा, उसका पूरा मकसद यही था।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि समझौता पूरा होने वाला है और बहुत जल्द, शायद हफ्ते के अंत में यूरोप में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। जब पूछा गया कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस अरेंजमेंट को मंजूरी दी है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “मैं समझता हूं कि जवाब हां है।”

ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौता ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने से रोकेगा। उन्होंने कहा, “वे किसी भी तरह से, किसी भी रूप में, किसी भी तरह से परमाणु हथियार नहीं खरीदेंगे, विकसित नहीं करेंगे। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा।”

--आईएएनएस

केके/डीएससी