ट्रंप ने अंतरिक्ष में अमेरिका की उपलब्धियों की तारीफ की, चांद और मंगल की ओर बढ़ने का संकल्प लिया

ट्रंप ने अंतरिक्ष में अमेरिका की उपलब्धियों की तारीफ की, चांद और मंगल की ओर बढ़ने का संकल्प लिया

वॉशिंगटन, 21 जुलाई (आईएएनएस)। 'स्पेस एक्सप्लोरेशन डे' (अंतरिक्ष अन्वेषण दिवस) के मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिक्ष अन्वेषण में अमेरिका की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश मानवता को "अंतरिक्ष खोज के नए स्वर्णिम युग" की ओर ले जाना जारी रखेगा और साथ ही चंद्रमा और आगे चलकर मंगल ग्रह के लिए मिशन को भी आगे बढ़ाएगा।

व्हाइट हाउस की ओर से अपोलो 11 के चांद पर उतरने की 57वीं सालगिरह पर जारी एक संदेश में ट्रंप ने अमेरिका के ऐतिहासिक मून मिशन को अपने प्रशासन के स्पेस एजेंडा से जोड़ा। उन्होंने आर्टेमिस प्रोग्राम, यूएस स्पेस फोर्स और स्पेस में अमेरिकी लीडरशिप सुनिश्चित करने की अपनी दीर्घकालीन रणनीति का जिक्र किया।

ट्रंप ने कहा, "स्पेस एक्सप्लोरेशन डे पर हम अपने देश के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक को याद कर रहे हैं, अमेरिकियों का चांद की सतह पर उतरना।" उस बड़ी कामयाबी से प्रेरित होकर, हम पूरे हौसले के साथ आगे देख रहे हैं और हमें यकीन है कि अमेरिका इंसानों को स्पेस एक्सप्लोरेशन के नए सुनहरे दौर में आगे ले जाता रहेगा।"

20 जुलाई, 1969 के अपोलो 11 मिशन को याद करते हुए ट्रंप ने एस्ट्रोनॉट नील आर्मस्ट्रांग, बज एल्ड्रिन और माइकल कॉलिन्स को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनकी कामयाबी ने यह साबित कर दिया कि "आजाद और पक्के इरादे वाले लोगों की पहुंच से बाहर कोई भी मंजिल नहीं है।"

उन्होंने कहा, "57 साल बाद भी अपोलो की विरासत सभी अमेरिकियों के दिलों में बसी हुई है और हर पीढ़ी को पिछली पीढ़ी से आगे बढ़कर अंतरिक्ष में और ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित कर रही है।"

राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रशासन आर्टेमिस प्रोग्राम के ज़रिए उस विरासत को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने हाल के आर्टेमिस द्वितीय मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच, कनाडा के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसन के साथ मिलकर 50 से ज़्यादा सालों में पहली बार आर्टेमिस द्वितीय के जरिए गहरे अंतरिक्ष में गए।

राष्ट्रपति ने कहा, "इस मिशन ने हमें आर्टेमिस मिशनों की ओर आगे बढ़ाया है, जो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर वापस ले जाएंगे। वहां इंसानी मौजूदगी कायम करेंगे और मंगल ग्रह की लाल सतह और उससे आगे की असीम सीमाओं तक पहुंचने की नींव रखेंगे, जहां अमेरिकी साहस ऐसी चीजों की खोज करेगा जिनकी कल्पना करने की हिम्मत भी किसी ने नहीं की थी।"

ट्रंप ने इस मौके का इस्तेमाल अमेरिका के अंतरिक्ष प्रोग्राम के राष्ट्रीय सुरक्षा पहलू पर जोर देने के लिए भी किया। उन्होंने कहा, "यह नया युग अंतरिक्ष में अद्वितीय अमेरिकी शक्ति की नींव पर टिका है। चंद्रमा अन्वेषण को समर्थन देने वाली वही नवाचार "हमारी अविश्वसनीय अमेरिकी अंतरिक्ष सेना" को भी शक्ति प्रदान करती है, जिसकी नवोन्मेषी तकनीक प्रत्येक अमेरिकी परिवार की सुरक्षा करती है और साथ ही ऊपर से हमारे राष्ट्र की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करती है।

अपने पहले प्रशासन की अंतरिक्ष नीतियों पर प्रकाश डालते हुए ट्रम्प ने कहा कि उन्हें "राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिषद को पुनः स्थापित करने पर गर्व है और इसे एक ऐसे तंत्र के रूप में वर्णित किया जो सेना, वैज्ञानिकों, उद्योग और अंतरिक्ष सेना को "एक ही अंतरिक्ष में सर्वकालिक अमेरिकी प्रभुत्व को सुरक्षित करने के लिए एकजुट करता है।"

उन्होंने प्रतिज्ञा की कि "मेरे नेतृत्व में अमेरिका हर सीमा को पार करना जारी रखेगा और दुनिया को ब्रह्मांड की और भी गहराई में ले जाएगा।"

--आईएएनएस

ओपी/एएस