कोलंबो, 10 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोंबो स्थित केंद्रीय जेल में हुई हिंसा के दौरान जेल की संपत्ति और कैदियों के रिकॉर्ड को भारी नुकसान पहुंचा। जेल विभाग के अनुसार, इस हिंसा में 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये से अधिक की संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि नेगोंबो जेल की घटना के बाद श्रीलंका की अन्य जेलों में भी कई दंगे हुए। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 7 अगस्त को राष्ट्रपति सचिवालय में जेलों की सुरक्षा और कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए विशेष बैठक की।
बैठक में देश की सभी 33 जेलों की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाने का फैसला किया गया। इसमें जेल प्रशासन, पुलिस, विशेष कार्यबल और जरूरत पड़ने पर सशस्त्र बलों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य कैदियों के कल्याण से जुड़े मुद्दों और आपात स्थितियों पर तेजी से समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
5-6 जुलाई 2026 को जेल में कैदियों के दो विरोधी गुटों के बीच हुई झड़प ने हिंसक रूप ले लिया था। इस घटना में 32 लोगों की मौत हुई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए। इस हिंसा के बाद 100 साल से अधिक पुरानी इस जेल को बंद कर दिया गया और कैदियों को अन्य जगहों पर ट्रांसफर कर दिया गया। हिंसा के दौरान जेल की संपत्ति के साथ कैदियों के पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड भी क्षतिग्रस्त हुए।
श्रीलंका के डेली मिरर दैनिक की रिपोर्ट के अनुसार गुटों में झड़प ड्रग्स को लेकर हुई थी। दोनों गुट सबसे पहले 5 जुलाई की शाम आपस में भिड़े थे। एक गुट ने कथित तौर पर दूसरे के ड्रग्स स्मगलिंग संबंधी योजना की खबर पुलिस अधिकारियों को दे दी थी। इससे दूसरा गुट गुस्से में आ गया। इसके अगले दिन सुबह दोनों ही गुटों में कहासुनी हुई, आपस में टकराए, जेल में तैनात गार्ड्स से हथियार छीन लिए और गेट तोड़ने की कोशिश की। अधिकारियों ने मामला सुलझाने का प्रयास किया। कई घायल हुए।