तेहरान, 16 जून (आईएएनएस)। स्विट्जरलैंड में यूएस-ईरान शांति वार्ता आगामी 19 जून को होनी तय की गई है। ईरानी टीम का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ करेंगे तो वहीं अमेरिका का मोर्चा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस संभालेंगे। दोनों पक्षों के बीच ई-हस्ताक्षर की पुष्टि की गई।
मंगलवार को ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत शुक्रवार को जिनेवा में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद शुरू होगी।
समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, उन्होंने बताया कि ईरान की टीम का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ करेंगे, जबकि अमेरिकी पक्ष की ओर से वार्ताकारों का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।
तख्त-रवांची ने कहा, "हस्ताक्षर समारोह के लिए स्विट्जरलैंड को चुना गया है, हालांकि सटीक स्थान अभी तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद अगले दौर की बातचीत शुरू हो जाएगी।"
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने भी बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का नया दौर शुक्रवार से स्विट्जरलैंड में शुरू होगा। अराघची ने कहा कि अगर इजरायल लेबनान पर दोबारा हमला करता है या वहां के किसी इलाके पर कब्जा बनाए रखता है, तो ईरान इसे हालिया समझौते (एमओयू) का उल्लंघन मानेगा।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस समझौते में एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं, जबकि दूसरी तरफ ईरान और हिज्बुल्लाह हैं। उन्होंने कहा कि केवल लड़ाई रुक जाना काफी नहीं है। संघर्ष तभी पूरी तरह खत्म माना जाएगा जब इजरायली सेना उन इलाकों से भी हटेगी, जिन पर उसने इस दौरान कब्जा किया है।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में एक बार फिर कहा है कि वो ईरान को परमाणु हथियार संपन्न देश के तौर पर नहीं देखना चाहते। जी7 समिट में शामिल होने एवियन पहुंचे ट्रंप ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न करे। उन्होंने दावा किया कि ईरान को न तो परमाणु हथियार विकसित करने दिया जाएगा, न ही इसे खरीदा या उपयोग करने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो इसके “गंभीर और अकल्पनीय परिणाम” होंगे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य शासन परिवर्तन नहीं है और वे ईरान को एक “तर्कसंगत देश” मानते हैं, जो अपने देश के हित में काम करना चाहता है।
--आईएएनएस
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