विल्नियस (लिथुआनिया), 8 सितंबर (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि यूरोप को अपने हितों का भी ध्यान रखना होगा। रूस और यूक्रेन के बीच भविष्य में होने वाले किसी भी शांति समझौते में यूरोप की तरफ से भी कुछ प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी।
कलास ने यह बात सोमवार को लिथुआनिया के दौरे के दौरान कही। इससे पहले सप्ताहांत में अमेरिका के वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने रूस और यूक्रेन का दौरा किया था। उनका उद्देश्य युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाना था।
लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडाउगास सिंकिविसियस के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलास से पूछा गया कि क्या सप्ताहांत की बातचीत से शांति की संभावना बढ़ी है और अगर किसी संभावित त्रिपक्षीय शिखर बैठक में यूरोपीय संघ को जगह नहीं मिली, तो क्या इससे यूरोप की भूमिका कमजोर हो जाएगी। इस पर कलास ने कहा कि आखिरकार रूस और यूक्रेन को सीधे एक-दूसरे से बात करनी होगी।
उन्होंने कहा, “यूरोप की तरफ से यह साफ है कि हम रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थ नहीं बन सकते। दोनों देशों को आपस में बातचीत करनी होगी। हम हमेशा यूक्रेन के पक्ष में रहे हैं, इसलिए इस मामले में हम तटस्थ नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि किसी भी अंतिम शांति समझौते में 'यूरोप से बहुत सी मांगें' शामिल होंगी, और ऐसी चीजें यूरोप को 'बिना कुछ पाए' नहीं देनी चाहिए।
सोमवार को ही कलास ने लिथुआनिया के राष्ट्रपति गितानास नौसेदा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ की परिषद की आगामी अध्यक्षता के दौरान लिथुआनिया की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
नौसेदा ने कहा कि अपनी अध्यक्षता के दौरान लिथुआनिया यूरोप की सुरक्षा और रक्षा, यूरोपीय संघ के विस्तार, प्रतिस्पर्धात्मकता, आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक मजबूती जैसे मुद्दों पर खास ध्यान देगा।
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को क्रेमलिन में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात की। यह बैठक तीन घंटे से ज्यादा चली। इसके बाद रविवार को विटकॉफ और कुशनर ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की।
इसके अलावा, इससे पहले यूक्रेन, अमेरिका और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच अबू धाबी में 23-24 जनवरी और 4-5 फरवरी को दो दौर की बातचीत हुई थी। इसके बाद 17-18 फरवरी को जिनेवा में एक और दौर की वार्ता हुई। इन बैठकों का उद्देश्य रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने का रास्ता तलाशना था। हालांकि बाद में ये त्रिपक्षीय वार्ताएं रुक गईं और तब से स्थगित पड़ी हुई हैं।
--आईएएनएस
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