नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार से श्रीलंका की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा शुरू करेंगे। इस दौरान वे द्वीप देश के नेताओं के साथ कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे और कोलंबो में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाले एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा आपसी फायदे वाले क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से मजबूत और दोस्ताना द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा, जिसमें मजबूत समुद्री और रक्षा साझेदारी भी शामिल है।
रक्षा मंत्री के बयान में कहा गया, "भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध और कई तरह की साझेदारी है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित है। द्विपक्षीय संबंधों को तब और बढ़ावा मिला जब भारत ने आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका की मदद की और 2025 में श्रीलंका में आए चक्रवात 'डिटवाह' के बाद सबसे पहले मदद करने वालों में से एक के तौर पर सहायता प्रदान की।"
बयान में आगे कहा गया, "इससे 'पड़ोसी पहले' की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'महासागर' (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र प्रगति) के विजन के प्रति भारत की लगातार प्रतिबद्धता और जोर का पता चलता है।"
भारत ने 'डिटवाह' चक्रवात के बाद श्रीलंका के लिए 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज की घोषणा की थी। इसमें सड़क, रेलवे और पुलों के संपर्क को फिर से बहाल करना, नष्ट और क्षतिग्रस्त घरों का निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र और कृषि और आपदा से निपटने की बेहतर तैयारी शामिल थी।
अगस्त में श्रीलंकाई नौसेना कमांडर वाइस-एडमिरल डेमियन फर्नांडो भारत की आधिकारिक यात्रा पर थे। यात्रा के दौरान, उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा की।
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के मुख्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान श्रीलंकाई नौसेना कमांडर वाइस-एडमिरल डेमियन फर्नांडो से बातचीत की। नेताओं ने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने के नए तरीकों पर विचार किया, और भारत-श्रीलंका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा के अहम मुद्दों पर चर्चा की।"
वाइस-एडमिरल फर्नांडो ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना के तहत चल रही अलग-अलग पहलों की प्रगति पर चर्चा हुई।
फर्नांडो ने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारतीय नौसेना के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत के 'महासागर' विजन के अनुरूप हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
--आईएएनएस
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