मैड्रिड, 3 अगस्त (आईएएनएस)। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुएल अल्बारेस ने सोमवार को कहा कि स्यूटा प्रवासन संकट को लेकर इटली उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि यूरोप में सबसे ज्यादा अवैध तरीके से आने वाले प्रवासी इटली पहुंचते हैं।
अल्बारेस ने सरकारी ब्रॉडकास्टर आरटीवीई से कहा कि कुछ देश और सरकारें उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं, कुछ राजनेता और राजनीतिक दल भी। उन्होंने कहा कि इटली की सरकार भी उनमें से एक थी। स्पेन में भी मैं पॉपुलर पार्टी और वॉक्स की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां सुन रहा हूं।
अल्बारेस ने कहा, "जहां तक इटली का सवाल है, वह यूरोप का वह देश है जहां सबसे ज्यादा अवैध प्रवेश होते हैं, जबकि स्पेन में सबसे कम हैं। इटली चाहता है कि लैंपेडूसा की स्थिति भी उसी तरह संभाली जाए, जैसे सेउता की स्थिति को संभाला गया।"
उन्होंने कहा कि स्यूटा और मेलिला की सीमा की स्थिति अलग है। इसलिए स्पेन के सभी राजनीतिक दलों को इन दोनों शहरों के मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय पूरे यूरोप को भी इन दोनों यूरोपीय शहरों के समर्थन में साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा, "यह यूरोपीय संघ (ईयू) की अफ्रीका के साथ एकमात्र बाहरी जमीनी सीमा है। हम इस सीमा के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जैसे यह यूरोप के किसी सामान्य सीमा वाले शहर की सीमा हो।"
स्पेन के शीर्ष राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रुसेल्स को भी इस विशेष स्थिति को समझना चाहिए, खासकर मंगलवार को होने वाली यूरोपीय संघ के गृह मंत्रियों की बैठक को देखते हुए।
उन्होंने कहा, "इन व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा और सभी यूरोपीय संघ के देशों को याद दिलाना होगा कि एकजुटता के बिना यूरोप नहीं हो सकता।"
अल्बारेस ने कहा कि शुरुआत से ही मोरक्को का रवैया सहयोगपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा, "ज्यादातर लोग जो यहां आए थे, वे पहले ही मोरक्को लौट चुके हैं। हम लगातार सहयोग कर रहे हैं ताकि जो आखिरी व्यक्ति भी यहां आया है, वह भी वापस लौट सके।"
एडनक्रोनोस की रिपोर्ट के मुताबिक, 'ला होरा डे ला 1' कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अल्बारेस ने कहा कि पिछले गुरुवार और शुक्रवार के बीच स्यूटा में जो हुआ, वह पहले कभी नहीं देखा गया। उस दौरान करीब 50,000 लोग तैरकर मोरक्को से अवैध तरीके से स्पेन पहुंच गए थे।
उन्होंने कहा कि उतनी ही असाधारण बात यह भी है कि सिर्फ 48 घंटे के भीतर उन हज़ारों लोगों को पूरी तरह मोरक्को के सहयोग से वापस भेज दिया गया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या मोरक्को भरोसेमंद साझेदार है, तो उन्होंने साफ जवाब दिया, "मैं सिर्फ तथ्यों की बात करता हूं, और तथ्य यह हैं कि शुरुआत से ही मोरक्को ने लोगों के इस बड़े प्रवाह को रोकने और उन्हें तुरंत वापस भेजने में पूरा सहयोग दिया।"
--आईएएनएस
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