प्रधानमंत्री मोदी ने एवियन में वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की दिखाई झलक

प्रधानमंत्री मोदी ने एवियन में वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की दिखाई झलक

पेरिस, 18 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 समिट में हिस्सा लिया और मेहमान सदस्य के तौर पर अपनी बात मजबूती से इस वैश्विक प्लेटफॉर्म पर रखी। एवियन में वर्ल्ड लीडर्स के साथ हुई मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के कुछ अंश भी साझा किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस दौरे की झलकी दिखाई। इसमें फ्रेंच राष्ट्रपति और मेजबान इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर, इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी, यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत देश दुनिया के कई नामचीन राजनेता देखे जा सकते हैं।

खास पलों को पोस्ट करते हुए पीएम ने लिखा, "जी7 समिट के एक सफल सत्र के कुछ मुख्य बिंदु साझा कर रहा हूं, जो एवियन-लेस-बेंस में आयोजित हुआ था, जहां विश्व नेताओं ने एक साथ आकर विचारों का आदान-प्रदान किया और हमारे ग्रह के सामने मौजूद प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की।"

1 मिनट 52 सेकंड की इस क्लिप में प्रधानमंत्री का स्विट्जरलैंड के एयरपोर्ट पर उतरना, राष्ट्रपति पारमेलिन का गर्मजोशी से भरा स्वागत और फिर हेलिकॉप्टर से एवियन स्थित जी7 आयोजन स्थल पर पहुंचना शामिल है।

आयोजन स्थल में दुनिया भर से आए नेताओं से मुलाकात और फिर उनके साथ फोटो सेशन का दृश्य है। ट्रंप के साथ बिताए कुछ खास पल और द्विपक्षीय बातचीत के कुछ अंश भी इसका हिस्सा हैं।

बतौर अतिथि सदस्य आमंत्रित पीएम मोदी हाई लेवल वर्किंग सेशन में भी शामिल हुए। इसकी थीम ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ थी। इस सेशन में जी7 देशों के नेता, सहयोगी देशों के नेता, और वर्ल्ड बैंक और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संवाद और शांति को दुनिया के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, "हम पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष की वजह से क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले समुद्री व्यापार में रुकावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ा है।"

उन्होंने भारतीय नाविकों की मौत का भी जिक्र किया। बोले, "कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना जरूरी है ताकि नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।"

--आईएएनएस

केआर/