पीओके में हालात तनावपूर्ण, जेएएसी नेता ने इस्लामाबाद के 'फेक नैरेटिव' पर किया प्रहार

पीओके में हालात तनावपूर्ण, जेएएसी नेता ने इस्लामाबाद के 'फेक नैरेटिव' पर किया प्रहार

इस्लामाबाद, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ता असंतोष लगातार 36वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को रावलाकोट में हजारों लोग जुटे, जहां जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेता सरदार अम्मान खान ने पाकिस्तान पर क्षेत्र पर "जबरन कब्जा" करने का आरोप लगाया और इस इलाके को लेकर इस्लामाबाद के लंबे समय से चले आ रहे 'फेक नैरेटिव' (फर्जी दावे) को खारिज किया।

सभा को संबोधित करते हुए खान ने पीओके को "विवादित क्षेत्र" कहे जाने का विरोध करते हुए कहा, "यह कोई विवादित क्षेत्र नहीं है; यह एक कब्जे वाला क्षेत्र है। इस पर जबरन कब्जा किया गया है।"

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन "जीत" हासिल होने तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान क्यों न गंवानी पड़े।

रावलाकोट में हुई विशाल सभा में पाकिस्तान सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें सफलता नहीं मिल जाती।

इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने बुधवार को पीओके में जारी प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा सात नागरिकों की कथित हत्या की कड़ी निंदा की।

अंग्रेजी दैनिक डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रावलाकोट में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों के दौरान गोलीबारी में सात और नागरिकों की मौत हुई।

यूकेपीएनपी ने इन मौतों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग, जबरन गायब किए जाने, मनमानी गिरफ्तारियों, डराने-धमकाने और नागरिकों पर लगाए गए प्रतिबंधों की "स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच" की मांग की।

पार्टी ने पाकिस्तान सरकार से शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक और घातक बल के इस्तेमाल को तुरंत रोकने, कथित अवैध हत्याओं, मनमानी गिरफ्तारियों और जबरन गायब करने की घटनाओं पर रोक लगाने तथा सभी हिरासत में लिए गए लोगों को सक्षम अदालतों के सामने पेश कर उचित कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की।

यूकेपीएनपी ने अधिकारियों से खाद्य सामग्री, दवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और मानवीय सहायता तक निर्बाध पहुंच बहाल करने, संचार प्रतिबंध हटाने और क्षेत्र में लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की भी मांग की।

पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके में एक स्वतंत्र फैक्ट-चेक मिशन भेजने, कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और मौतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा जमीनी स्थिति की निगरानी करने की अपील की।

पीओके में जारी ये विरोध प्रदर्शन इस्लामाबाद के दशकों पुराने नियंत्रण को चुनौती के रूप में देखे जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं, क्षेत्र में सख्त नाकेबंदी, कर्फ्यू और संचार प्रतिबंध जारी रहने की बात कही जा रही है।

--आईएएनएस

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