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पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में एक नागरिक को मौत के घाट उतारा, तीन अन्य को किया अगवा

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का अत्याचार, नागरिकों की हत्या और अपहरण
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क्वेटा, 19 सितंबर (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ रही है। इस बीच प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी बलों द्वारा एक नागरिक की गैर-न्यायिक हत्या और तीन अन्य के जबरन गायब किए जाने के मामलों को उजागर किया है।

मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 17 सितंबर को प्रांत के खुजदार जिले में पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड ने 47 वर्षीय किसान आलम खान की हत्या कर दी।

संगठन के अनुसार, आलम खान और उनके दोस्त शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी डेथ स्क्वॉड के सदस्यों ने उन पर गोलीबारी कर दी। आलम खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दोस्त बरकत अजीम गंभीर रूप से घायल हो गए।

बीवाईसी ने कहा, "बलूच लोगों के लिए सुरक्षा असंभव होती जा रही है। शादी समारोह, सड़क या यहां तक कि खुद का घर भी ऐसी जगह नहीं होनी चाहिए, जहां किसी नागरिक को निशाना बनाकर मारा जाए। किसी भी समुदाय को ऐसे डर में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। जबरन गायब करना, टारगेट किलिंग और फर्जी मुठभेड़ों का लगातार पैटर्न एक गंभीर मानवाधिकार संकट है। इन उल्लंघनों को सामान्य नहीं बनने देना चाहिए और जवाबदेही के अभाव को जारी नहीं रहने देना चाहिए।"

मानवाधिकार संगठन ने संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देने का आह्वान किया है।

नागरिकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को उजागर करते हुए बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के मानवाधिकार विभाग पांक ने प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों से पाकिस्तानी बलों द्वारा तीन युवाओं को गायब करने की कड़ी निंदा की है।

मानवाधिकार संगठन ने बताया कि पाकिस्तानी बलों ने 17 सितंबर की शाम केच जिले के रेको गांव में एक घर पर छापा मारा और दो चचेरे भाइयों, सफर बलोच और अब्दुल रजिक को जबरन गायब कर दिया, जिनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

एक अन्य घटना में, 20 साल के छात्र किफायत बलोच को 15 सितंबर को क्वेटा में बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के बाहर से पाकिस्तानी बलों ने जबरन गायब कर दिया। बीएनएम के मानवाधिकार विभाग पांक ने बताया कि उसका ठिकाना अभी भी अज्ञात है और उसे उसके परिवार, वकील और कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच से वंचित रखा गया है।

पांक ने जोर देकर कहा, "एक छात्र का जबरन गायब किया जाना मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और उसे यातना, दुर्व्यवहार और अन्य अत्याचारों के गंभीर खतरे में डालता है।"

बढ़ती हिंसा के बीच शुक्रवार को बलूचिस्तान के पंजगुर और ग्वादर जिलों में अलग-अलग स्थानों से गोलियों से छलनी आठ शव बरामद किए गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को सूचित किया।

पुलिस के अनुसार, पांच शव पंजगुर के ग्वारगो इलाके में पाए गए, जहां स्थानीय लोगों ने इलाके में फेंके गए शवों को देखकर प्रशासन को सूचित किया। इसके अलावा, तीन अन्य शव ग्वादर जिले के जिवानी उप-मंडल के कुलदान से बरामद किए गए। तीनों मृतकों की पहचान कर ली गई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके शव उनके संबंधित परिवारों को सौंप दिए गए।

--आईएएनएस

केके/एबीएम