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पाकिस्तान में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर की गोली मारकर हत्या, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता

पाकिस्तान

लंदन, 19 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास टैक्सिला में 28 वर्षीय सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर शम्सो बीबी की कथित तौर पर दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक करोड़ से अधिक फॉलोअर्स वाली बीबी की हत्या ने पाकिस्तान में महिलाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ बढ़ती हिंसा को एक बार फिर उजागर किया है।

शम्सो बीबी सोशल मीडिया पर आयशा गिलामाना के नाम से जानी जाती थीं। उनके भाई नियामतुल्लाह ने बताया कि 14 अगस्त को कथित तौर पर वित्तीय विवाद के चलते उनकी हत्या की गई। उन्होंने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।

ब्रिटिश अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बीबी के पिता फजल साहिबजादा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को काशिफ नाम के एक व्यक्ति ने टैक्सिला स्थित घर से बाहर बुलाया था। इसके बाद वह अपनी बहन और भाई के साथ कार में घर से निकलीं।

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जब उनकी कार एक बाजार के पास पहुंची तो मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कथित तौर पर कार पर गोलीबारी कर दी। गोली बीबी के गले में लगी और उनकी मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो में दो मोटरसाइकिल सवार लोगों को बीबी की कार के पास रुककर बेहद करीब से गोली चलाते हुए देखा जा सकता है। बताया गया कि गोलीबारी के बाद कार अनियंत्रित होकर एक डंपर ट्रक से टकरा गई, जिससे बीबी की बहन भी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

बीबी के पिता ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी पिछले तीन-चार वर्षों से टिकटॉक वीडियो बनाती थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके वीडियो को 3 से 3.5 करोड़ से अधिक लाइक्स मिले थे और उनके एक करोड़ से अधिक फॉलोअर्स थे।

बीबी की हत्या ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान में युवा महिला कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ हिंसक हमलों को लेकर चिंता बढ़ रही है।

इस्लामाबाद स्थित संगठन साहिल के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में पाकिस्तान में लैंगिक हिंसा के 3,172 मामले दर्ज किए गए। इनमें ट्रांसजेंडर लोगों से जुड़े 18 मामले भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में 644 हत्याएं, 514 यातना के मामले, 462 अपहरण, 363 आत्महत्याएं, 280 बलात्कार, 175 चोट के मामले, 132 ऑनर किलिंग और उत्पीड़न, सामूहिक बलात्कार तथा अश्लील सामग्री से जुड़े 21 अन्य मामले दर्ज किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ितों में 334 की उम्र 21 से 30 वर्ष, 306 की उम्र 11 से 20 वर्ष और 120 पीड़ितों की उम्र 31 से 40 वर्ष के बीच थी। हालांकि, करीब 71 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों की उम्र दर्ज नहीं की गई थी।

--आईएएनएस

डीएससी