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पाकिस्तान में डीजल की बढ़ी कीमतों से सामान ढुलाई हुई महंगी, ट्रांसपोर्टर परेशान

पाकिस्तान में डीजल की बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टर परेशान
Pakistan

इस्लामाबाद, 16 सितंबर (आईएएनएस)। 'ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष मुहम्मद ओवैस चौधरी ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण सामान ढुलाई कराने वाले ट्रांसपोर्टरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है; कई ट्रांसपोर्टरों ने आर्थिक नुकसान के कारण अपना कामकाज बंद कर दिया है।

पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी ने कहा कि डीजल की कीमत बहुत ज्यादा हो गई है, जिससे ट्रांसपोर्टर्स ईंधन, टैक्स और लेवी पर खर्च करने के बाद ठीक-ठाक मुनाफा नहीं कमा पा रहे हैं।

चौधरी ने कहा, "महंगे डीजल की वजह से गाड़ियां चलाने से होने वाली बचत अब नुकसान में बदल गई है," और कहा कि ट्रांसपोर्टरों को अपना काम जारी रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ग्राहकों और कारोबारियों को राहत देने के बजाय डीजल की कीमतें बढ़ाने के लिए पाकिस्तान सरकार की आलोचना की और कहा कि अतिरिक्त लागत का सीधा असर माल ढुलाई सेक्टर पर पड़ता है।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने की मांग की।

मंगलवार को पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 4.10 पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 6.41 पीकेआर प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।

पाकिस्तान के एक और अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की इस नई घोषणा के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 384.34 पीकेआर प्रति लीटर और एचएसडी 415.83 पीकेआर प्रति लीटर के भाव पर बिकेगा।

पाकिस्तानी सरकार पेट्रोल पर 114 पीकेआर प्रति लीटर और डीजल पर 100 पीकेआर प्रति लीटर टैक्स और ड्यूटी लगा रही है। 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सरकार द्वारा घोषित पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें बुधवार से लागू होंगी।

17 जुलाई को पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए अब ईंधन की कीमतें नियमित रूप से तय की जाएंगी।

इससे पहले, पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद पाकिस्तानी सरकार ईंधन की कीमतों में साप्ताहिक बदलाव कर रही थी और ईंधन बचाने के उपाय कर रही थी।

--आईएएनएस

केआर/