काठमांडू, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। नेपाल पुलिस के मुताबिक 359 शव अलग-अलग जिलों से बरामद किए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के विषम काल में एक बार फिर भारत ने पड़ोसी होने का फर्ज अदा किया और बिना देर किए राहत सामग्री रवाना की। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने भी पीपुल टू पीपुल कनेक्ट की बात करते हुए कहा कि भारत हर मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है।
काठमांडू में एनडीटीवी के 'अन्वीक्षा' कार्यक्रम में राम माधव ने नेपाल में आई विशानकारी बाढ़, भारत-नेपाल संबंध पर बात की। नेपाल त्रासदी के पीड़ित जनों के प्रति संवेदना जताते हुए राम माधव ने कहा, "नेपाल में आई बाढ़ में हताहत हुए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। भारत के 140 करोड़ लोग इस संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़े हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "कल (बुधवार) मेरी फ्लाइट के बाद दूसरी फ्लाइट भारत से राहत बचाव सामग्री लेकर नेपाल पहुंची और आज दूसरा विमान भी राहत-बचाव सामग्री लेकर यहां पहुंचा है। हम आपके साथ हैं और उम्मीद करते हैं कि जिस गति से बचाव कार्य चल रहा है उसके फलस्वरूप नेपाल बहुत जल्द इस विषम परिस्थिति से बाहर निकल जाएगा। दुख की बात है कि नेपाल ऐसी त्रासदियों का दंश झेलता रहा है। 2015 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। आप याद रखिएगा कि हर मुश्किल समय में भारत आपके साथ खड़ा रहेगा।"
भारत-नेपाल संबंध में राम माधव ने कहा कि हमारा रिश्ता सरकारों के बीच का नहीं बल्कि पीपुल टू पीपुल का है। हमारा संबंध हमेशा सहज रहा है।
मृतकों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच गुरुवार को 21 भारतीयों को रेस्क्यू किए जाने की खबर भी आई। विदेश मंत्रालय ने इन सबके नाम जारी कर बताया कि सभी 21 तमिलनाडु के हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे थे।
इस बीच, चीन ने एक और झील के टूटने की आशंका जताई है। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में एक बड़ी बैरियर झील बन गई है जो पहले से ही ओवरफ्लो हो रही है और आने वाले दिनों में इसमें और पानी आने से इसके टूटने का खतरा बढ़ गया है।
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के सेंट्रल टेलीविजन ने बताया कि गुरुवार सुबह तक झील का वॉल्यूम लगभग 2 मिलियन क्यूबिक मीटर था। अगले तीन दिनों में झील में 3 मिलियन क्यूबिक मीटर और पानी आने की उम्मीद है, जिससे इसके टूटने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
यह झील नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। चीनी अधिकारी इसकी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और झील के टूटने से होने वाले संभावित नतीजों का आकलन करने और आपातकालीन बचाव कार्यों में मदद के लिए बाढ़ सिमुलेशन (तकनीक से पहले ही आपदा को लेकर अंदाजा लगाना) कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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