ढाका: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के तहत प्रेस पर बढ़ती हिंसा के बीच नारायणगंज जिले के नरसिंदी में बांग्लादेश क्राइम रिपोर्टर्स एसोसिएशन (सीआरएबी) के सदस्यों पर हुए हमले में कम से कम 10 पत्रकार घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
यह घटना सोमवार शाम नरसिंदी के माधबदी क्षेत्र स्थित ड्रीम हॉलिडे पार्क के बाहर हुई, जब सीआरएबी के सदस्य अपने वार्षिक पिकनिक से लौट रहे थे।
पुलिस के हवाले से बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार ने बताया कि ढाका स्थित विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े सीआरएबी सदस्यों ने अपनी गाड़ियां पार्क के बाहर एक निजी जमीन पर खड़ी की थीं, जिसे आमतौर पर पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि दिन में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा गया था, लेकिन शाम को वाहन निकालते समय पार्किंग अटेंडेंट्स ने अतिरिक्त पैसे मांगे। इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक हमले में बदल गया।
हमले में 10 पत्रकार घायल हो गए। इनमें से एक को नरसिंदी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि नौ पत्रकारों को बेहतर इलाज के लिए ढाका भेजा गया।
माधबदी थाने के प्रभारी (ओसी) कमाल हुसैन के अनुसार, पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग पहले भी इसी स्थान पर अवैध रूप से अतिरिक्त पार्किंग शुल्क वसूलने की शिकायतों में शामिल रहे हैं। यह स्थान पार्क प्रशासन के स्वामित्व में नहीं है।
घटना के बाद सीआरएबी अध्यक्ष मिर्जा मेहदी तमाल ने कहा कि हमलावरों ने भीड़ बनाकर हमला किया, जिससे फैमिली डे समारोह में मौजूद महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई।
इससे पहले इसी महीने बांग्लादेश की एक प्रमुख मानवाधिकार संस्था ने वर्ष 2025 में देशभर में बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता जताई थी। इसमें राजनीतिक और चुनावी हिंसा, भीड़ द्वारा हमले और लिंचिंग, पत्रकारों को परेशान करना, न्यायेतर हत्याएं तथा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा शामिल हैं।
ढाका स्थित ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया कि 318 घटनाओं में कुल 539 पत्रकार मारे गए, घायल हुए, उन पर हमला हुआ या उन्हें परेशान किया गया। इनमें तीन पत्रकारों की मौत हुई, 273 घायल हुए, 57 पर हमला किया गया, 83 को धमकियां दी गईं, 17 को गिरफ्तार किया गया, जबकि 34 मामलों में 107 पत्रकारों को आरोपी बनाया गया।
अगस्त 2024 में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से बांग्लादेश में पत्रकारों पर हमलों और कानून-व्यवस्था की स्थिति में लगातार गिरावट देखी जा रही है।