नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से ढाका में हुई उनकी शिष्टाचार भेंट के एक दिन बाद हुई।
बांग्लादेश के भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत-बांग्लादेश के बहुआयामी तथा लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को जनकेंद्रित दृष्टिकोण के साथ रचनात्मक तरीके से और मजबूत बनाने के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।"
सोमवार को तारिक रहमान से मुलाकात के दौरान उच्चायुक्त त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं पहुंचाई थीं। उन्होंने बांग्लादेश की सरकार और वहां के लोगों के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा भी व्यक्त की थी।
मुलाकात के बाद भारतीय उच्चायोग ने कहा था कि दोनों नेताओं ने साझा हितों के विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और जनकेंद्रित दृष्टिकोण के साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बाद एक 'सकारात्मक बदलाव' का संकेत है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच हुई सौहार्दपूर्ण बातचीत से यह संकेत मिला है कि वे हाल के मतभेदों को पीछे छोड़कर व्यापक भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
बांग्लादेश के अखबार डेली सन की एक रिपोर्ट में कहा गया, "बांग्लादेश और भारत के रिश्तों में हालिया तनाव दोनों सरकारों के लिए चिंता का विषय है, लेकिन इसे संकट में बदलने की जरूरत नहीं है। भौगोलिक स्थिति, इतिहास, व्यापार, नदियां, सुरक्षा और लोगों के बीच गहरे संबंध दोनों पड़ोसी देशों को ऐसे तरीके से जोड़ते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में पत्रकारों को दिए गए हालिया संबोधन पर ढाका में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शेख हसीना की हालिया वर्चुअल मीडिया बातचीत में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और सरकार कार्यक्रम के दौरान दिए गए किसी भी बयान, खासकर ढाका की वैध रूप से गठित सरकार से जुड़े बयानों का समर्थन नहीं करती।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पदभार संभालने के बाद से भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने भी संतुलित और संवाद आधारित रुख अपनाया है। उन्होंने द्विपक्षीय चुनौतियों को आपसी समझ के जरिए सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया है और भारत-बांग्लादेश संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर उम्मीद जताई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद का एक और महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है, जिसमें सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण भी शामिल है।
--आईएएनएस
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