मेक्सिको सिटी, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दूतावास ने गुरुवार को मेक्सिको की गांधी-मंडेला लाइब्रेरी को 15 किताबें भेंट की है। ये सभी किताबें महात्मा गांधी से संबंधित हैं। दूतावास ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इसकी जानकारी दी।
एक्स पर साझा किए बयान के अनुसार, "मेक्सिको के सैन लोरेंजो नेनामिकोयान स्थित गांधी-मंडेला पब्लिक लाइब्रेरी में महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन पर आधारित 15 पुस्तकें भेंट करने का मौका मिला। 8 अगस्त 2026 को पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया। इसका ध्येय गांधी और मंडेला के मूल्यों और विचारों को बढ़ावा देना है। एक अच्छी पहल है जिससे शांति, बराबरी और सामाजिक न्याय की उनकी साझा विरासत के बारे में जागरूकता बढ़ेगी।"
इसमें आगे कहा गया कि मेक्सिको में नई पीढ़ियों तक गांधी के शांति और अहिंसा के संदेश को जिंदा रखने और उन्हें समझने में मदद करने के लिए "यह एक छोटा सा योगदान है।"
गांधी-मंडेला पब्लिक लाइब्रेरी, गांधी मंडेला फाउंडेशन के एक इंटरनेशनल कम्युनिटी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य शांति, समानता, अहिंसा और सामाजिक न्याय के साझा विरासत और विचारों का प्रचार करना है। स्थानीय स्तर पर कॉर्पोरेट सहयोग से इस पुस्तकालय के लिए बुक रैक और शेविंग सिस्टम उपलब्ध कराए गए हैं।
गांधी मंडेला फाउंडेशन और उसकी अकादमी से जुड़े सदस्यों, क्षेत्रीय उपाध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने 29 जुलाई 2026 को आयोजित वैश्विक वर्चुअल बैठक में शिक्षा, मानवाधिकार, स्वास्थ्य, जलवायु कार्रवाई और जमीनी स्तर की सामाजिक पहलों को लेकर व्यापक चर्चा की थी।
बैठक में अलग-अलग देशों में चल रहे प्रभावकारी प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के साथ-साथ नई साझेदारियों और मानवीय सहायता से जुड़ी योजनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसी दौरान पुस्तकालय को लेकर भी अहम विमर्श हुआ था। फाउंडेशन का मानना है कि यह पहल स्थानीय समुदाय में पढ़ने की संस्कृति और ज्ञान तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।
महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला विश्व इतिहास के महान स्तंभ माने जाते हैं। दोनों ने अपने देशों में नस्लीय भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। गांधी को भारत का और मंडेला को दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रपिता माना जाता है। दोनों ने अहिंसा और सत्याग्रह की शक्ति से पूरी दुनिया को प्रभावित किया।
--आईएएनएस
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