बीजिंग, 17 जुलाई (आईएएनएस)। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीन एशिया-अफ्रीका भाषा केंद्र ने 15 जुलाई को शैनशी प्रांत के यानआन शहर स्थित यांगच्यालिंग क्रांतिकारी स्थल में लांग मार्च की भावना से जुड़ी संवाद बैठक का आयोजन किया।
चीन, अमेरिका और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने लांग मार्च भावना और इसके समकालीन मूल्य के बारे में विचार-विमर्श किया।
बताया जाता है कि इस साल चीनी मजदूर-किसान लाल सेना के लांग मार्च की जीत की 90वीं वर्षगांठ है। यानआन विश्वविद्यालय के मार्क्सवाद स्कूल के प्रोफेसर काओ फंगलिन ने कहा कि सही रणनीतिक दिशा, दृढ़ आदर्श व विश्वास, लाल सेना की आंतरिक एकता और लोगों का समर्थन लांग मार्च की जीत की महत्वपूर्ण शर्तें थीं। उस दौर में राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और शिक्षा आदि में खोज ने नए चीन के निर्माण के लिए अनुभव जुटाया है।
यानआन क्रांतिकारी स्मारक भवन की निदेशक ल्यू नी ने कहा कि लांग मार्च की भावना कोई अमूर्त अवधारणा नहीं है, बल्कि संकट के समय आगे बढ़ने और जीत के बाद श्रेय लेने से इनकार करने में दिखती है। खास व्यक्तियों की कहानी और ऐतिहासिक विवरण पर निर्भर रहते हुए अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लांग मार्च का इतिहास बताना होगा।
वहीं, अमेरिकी ब्लॉगर स्टीवन रोटचाडल ने कहा कि यानआन के दौरे ने चीनी युवाओं का इतिहास समझने और सीखने में सक्रिय रवैये की उन पर गहरी छाप छोड़ी। इतिहास को महत्व देने वाला माहौल अमेरिका समेत विभिन्न देशों के लिए सीखने योग्य है।
पाकिस्तान के थिंक टैंक के विद्वान शकील अहमद रामाय ने कहा कि लांग मार्च के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने जनता के हित को प्राथमिकता दी और नागरिकों पर पूरी तरह से निर्भर रही। इस अनुभव के विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ है। किसी देश में एकजुटता बनाए रखने के लिए लगातार लोगों के हितों का ध्यान रखने के साथ निष्पक्ष नियम का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही तत्काल और दीर्घकालिक विकास में समन्वय भी करने की जरूरत है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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