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कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करना हमारा लक्ष्य: दक्षिण कोरिया

कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करना हमारा लक्ष्य: दक्षिण कोरिया

सोल, 27 जुलाई (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मिनिस्ट्री ने सोमवार को दोहराया कि वह कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के लक्ष्य पर कायम है। मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए "यथार्थवादी और व्यावहारिक" समाधान तलाशने की है।

मंत्रालय के प्रवक्ता यून मिन-हो ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर परमाणु हथियारों से मुक्त कोरियाई प्रायद्वीप के लक्ष्य को हासिल करने की हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।"

उन्होंने कहा, "उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे को लेकर गंभीरता देखते हुए हमारी प्राथमिकता उसके परमाणु कार्यक्रमों को रोकने और इस दिशा में व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान तलाशने की है।"

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, यून की यह टिप्पणी उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग के उस बयान के बाद आई, जिसे सोमवार को कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने जारी किया।

किम यो-जोंग ने शनिवार को मनीला में आयोजित आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान को खारिज कर दिया। इस बयान में उत्तर कोरिया के "पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण" के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई थी।

उन्होंने कहा, "उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमता बिना किसी रुकावट के लगातार मजबूत होती रहेगी।"

पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने कहा था कि सरकार अब उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को पहली प्राथमिकता नहीं दे रही है। इसके बजाय, वह प्योंगयांग के साथ रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए शांति बहाली को पहला कदम मान रही है।

चुंग ने कहा, "पिछले एक वर्ष में ली जे-म्यंग सरकार ने पिछली सरकार की 'पहले परमाणु निरस्त्रीकरण' या 'पूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण (सीवीआईडी)' की नीति से व्यावहारिक रूप से दूरी बना ली है और अब 'पहले शांति' की नीति अपनाई है।"

इससे पहले जून में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने कहा था कि उनकी सरकार कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए चरणबद्ध और व्यावहारिक रणनीति अपनाएगी तथा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए समान विचार वाले देशों के साथ सहयोग मजबूत करेगी।

चो ने दक्षिणी द्वीप जेजू में आयोजित '21वें जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी' के प्रतिभागियों के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में दक्षिण कोरिया की विदेश नीति की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा, "हम स्थायी शांति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देंगे तथा कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य की दिशा में चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे।"

चो ने यह भी दोहराया कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका के साथ अपने गठबंधन के आधार पर अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा। साथ ही जी-7, ग्लोबल साउथ के उभरते और विकासशील देशों सहित समान सोच वाले देशों के साथ सहयोग का विस्तार करेगा।

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया विकास सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक ताकत का उपयोग करते हुए देशों के बीच सेतु की भूमिका निभाना चाहता है। इसके साथ ही वह जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में भी योगदान देगा।

--आईएएनएस

केआर/