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कुमामोटो भूकंप: पीएम तकाइची ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा, राहत कार्यों में खर्च होगा एक ट्रिलियन येन फंड

कुमामोटो भूकंप: पीएम तकाइची ने प्रभावित इलाकों का किया दौरा, राहत कार्यों में खर्च होगा एक ट्रिलियन येन फंड

टोक्यो, 3 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो प्रांत में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही के एक सप्‍ताह बाद प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोमवार को क्षेत्र का दौरा क‍िया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप से पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

क्योडो न्यूज एजेंसी के अनुसार, 28 जुलाई को आए 7.1 तीव्रता के भूकंप से प्रभावित लोगों से मिलते हुए तकाइची ने कहा क‍ि सरकार हर संभव मदद करेगी। तकाइची ने आपदा राहत कर्मियों की वर्दी पहनकर हिकावा कस्बे में बने एक राहत शिविर का भी दौरा किया।

उन्होंने हेलीकॉप्टर से काशिमा शहर के एऑन शॉपिंग मॉल का निरीक्षण भी किया, जहां भूकंप के बाद हुए एक विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा उन्होंने यत्सुशिरो स्थित एक पेपर प्लांट का भी जायजा लिया, जहां नौ लोगों की जान गई थी।

पब्लिक ब्रॉडकास्टर एनएचके की ओर से 28 जुलाई को हेलीकॉप्टर से ली गई तस्वीरों में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा हुआ दिखा। भवन की बाहरी दीवार के कई हिस्से टूटकर गिर गए थे, जिससे अंदर का स्टील ढांचा दिखाई दे रहा था। छत का एक हिस्सा भी ध्वस्त नजर आया और छत पर एक बड़ा छेद भी देखा गया।

क्योडो न्यूज के मुताबिक, तकाइची सरकार होटल और अन्य ठहरने की जगहों पर लोगों को अस्थायी रूप से शिफ्ट करने की योजना को बढ़ावा दे रही है। साथ ही, भूकंप के बाद अपनी कार में सोने को मजबूर लोगों या घरों में रह रहे लोगों के लिए सहायता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। सरकार वित्त वर्ष 2026 के बजट में मौजूद लगभग एक ट्रिलियन येन (करीब 6.4 बिलियन डॉलर) के रिजर्व फंड का उपयोग करने पर भी विचार कर रही है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप कुमामोटो प्रांत में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थानीय समयानुसार शाम 4:27 बजे आया था।

उकी और हिकावा शहर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके रहे। यहां जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर अधिकतम स्तर 7 दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, तीव्रता स्तर 7 पर लोगों के लिए खड़े रहना या सामान्य रूप से चलना लगभग असंभव हो जाता है। कई बार लोगों को रेंगकर चलना पड़ता है और तेज झटकों की वजह से वे हवा में उछल भी सकते हैं।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी