इस्लामाबाद में पीटीआई विधायक की गिरफ्तारी का विरोध, बोले 'ये तानाशाही और फासीवाद'

चितराल में पीटीआई विधायक की गिरफ्तारी पर प्रदर्शन, कहा 'तानाशाही और फासीवाद'
PTI

इस्लामाबाद, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की राजनीति का ये दौर उथल-पुथल से भरा हुआ है। दो प्रमुख विपक्षी दल हुक्मरानों के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान कर चुके हैं। तो सत्ता पक्ष भी सभी हथकंडे अपना विरोधी दल के जज्बे को कुंद करने में जुटा है। खासकर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता कार्यकर्ताओं पर चाबुक चल रही है। इसके विरोध में लोग अब सड़क पर उतरने लगे हैं। सोमवार को पीटीआई विधायक फतेह-उल-मुल्क अली नासिर की इस्लामाबाद में गिरफ्तारी के विरोध में चितराल में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने विधायक की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को इसकी रिपोर्ट प्रकाशित की।

पाकिस्तानी अंग्रेजी दैनिक डॉन के मुताबिक, लोअर चितराल में सोमवार को सैकड़ों पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन का नेतृत्व सीनेटर फलक नाज और पार्टी के स्थानीय नेताओं ने किया। प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए चितराल प्रेस क्लब पहुंचे, जहां पीटीआई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नासिर की गिरफ्तारी की निंदा की।

पीटीआई नेताओं ने कहा, "नासिर को इस्लामाबाद में हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी स्वीकार नहीं की जाएगी।" पार्टी नेताओं के मुताबिक, नासिर चितराल से निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को राजनीतिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उन्होंने इस कार्रवाई को "तानाशाही और फासीवाद का बेहद खराब उदाहरण" बताया और कहा कि चितराल के लोग ऐसी मनमानी हरकतों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

वक्ताओं ने इलाके के नेताओं को 'सुनियोजित तरीके से राजनीतिक निशाना बनाए जाने' पर गहरा अफसोस जताया। उन्होंने बताया कि चितराल से एमएनए (संसद सदस्य) अब्दुल लतीफ पहले ही 9 मई की घटनाओं से जुड़े झूठे मामलों में जेल में बंद हैं। अब अपने एमपीए (विधायक) के भी जेल जाने पर नेताओं ने दुख जताते हुए कहा कि असल में चितराल के लोगों का विधानसभा और संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है।

प्रदर्शन में शामिल पीटीआई नेताओं ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने 27 सितंबर को प्रस्तावित पीटीआई के इस्लामाबाद मार्च में चितराल से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात भी कही। पार्टी इस मार्च के जरिए जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग कर रही है।

चितराल में प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब इस्लामाबाद में पीटीआई के कई सांसदों और कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद पार्टी और सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। इमरान की खान की तीन बहनों अलीमा, नूरीन और उज्मा को 30 दिन की हिरासत में भेज दिया गया है। पीटीआई ने दावा किया है कि उसके कई सांसदों को संसद भवन परिसर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया है।

पीटीआई ने 27 सितंबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकार बताया है। वहीं, सरकार ने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं और प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न मार्गों पर प्रतिबंधों तथा अन्य सुरक्षा उपायों की तैयारी की है।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई ने गिरफ्तारी की कार्रवाई के बावजूद 27 सितंबर को इस्लामाबाद में प्रस्तावित प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने दावा किया कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और सरकार से अपना रुख बदलने की अपील की है।

इस बीच, रावलपिंडी में भी पीटीआई के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गिरफ्तारियों की खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 41 पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पार्टी ने हालांकि कहा है कि इन कार्रवाइयों के बावजूद वह 27 सितंबर के इस्लामाबाद मार्च की तैयारी जारी रखेगी।

--आईएएनएस

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