नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। इजरायल के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता एयलॉन लेवी ने कहा कि हमास से हथियार छोड़ने की उम्मीद करना गलतफहमी है। सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किए के डिफेंस पैक्ट पर लेवी ने कहा कि इस्लामिक नाटो के बनने से साफ है कि पाकिस्तान निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'इजरायल कैंसर है' वाले बयान का भी जिक्र किया।
इजरायल के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता एयलॉन लेवी ने कहा, "कोई भी यह नहीं मानता कि हमास अपनी मर्जी से हथियार छोड़ देगा और यह एक गलतफहमी है कि हमास से ऐसा करने की उम्मीद करने वाला प्लान बनाया जाए। हमास ने यह साफ कर दिया है कि वह अपने हथियार नहीं छोड़ना चाहता और उनका इस्तेमाल इजरायल को गाजा से वापस जाने के लिए मजबूर करने के लिए करना चाहता है।"
उन्होंने कहा कि इजरायल कभी भी उस आतंकवादी सेना को, जिसने 7 अक्टूबर की दरिंदगी के साथ जुल्म किए थे, अपनी सीमा के पास दोबारा नहीं आने देगा।
सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किए के डिफेंस पैक्ट को लेकर एयलॉन लेवी ने कहा, "मुझे लगता है कि इस्लामिक नाटो बनने से यह बहुत साफ हो गया है कि पाकिस्तान कोई निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं है। यह इस इलाके के दूसरे कट्टरपंथी तत्वों के साथ मिलकर काम कर रहा है।"
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ के इजरायल को कैंसर बताने वाले बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि याद रखें, पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसके रक्षा मंत्री ने कहा था कि इजरायल एक कैंसर वाला देश है, यहूदियों को जहन्नुम में जाना चाहिए और जिसने अभी कुछ दिन पहले कहा था कि इस्लामिक दुनिया को इजरायल के खिलाफ एक साथ आना चाहिए।
उन्होंने कहा, "इस्लामिक नाटो पूरक क्षमताओं को एक साथ लाता है। आपके पास अरब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, साथ में यूरोप की सबसे बड़ी थल सेना तुर्किए की है और मुस्लिम दुनिया की एकमात्र परमाणु शक्ति पाकिस्तान है। आपके पास ड्रोन तकनीक है जो भारत लाता है, ड्रोन तकनीक जो तुर्किए मेज पर लाता है, साथ में सऊदी अरब की ऊर्जा आपूर्ति और पाकिस्तान का आतंकवादी समूहों का समर्थन और परमाणु हथियार है।"
--आईएएनएस
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