
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका मिलकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं, जिसका मकसद युद्ध को खत्म करना है।
उन्होंने शनिवार को सरकारी आईआरआईबी समाचार एजेंसी से कहा, “इस समय हमारा ध्यान थोपी गई जंग को खत्म करने पर है।”
यह बयान उस समय आया जब शुक्रवार को एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने तेहरान का दौरा किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल थे।
बाघेई ने कहा, “हमारी कोशिश पहले एक 14 बिंदुओं वाले एमओयू पर सहमति बनाने की है।” उन्होंने बताया कि इसके बाद 30 से 60 दिन के अंदर एक अंतिम समझौते तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “हम अभी एमओयू को अंतिम रूप देने के चरण में हैं। जिन मुद्दों पर बात हो रही है, वे युद्ध को खत्म करने से जुड़े हैं (सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है)। एमओयू में जिन मुख्य बातों पर चर्चा हो रही है, उनमें अमेरिका की ओर से समुद्री हमलों या उनके अनुसार कहे जाने वाले नौसैनिक नाकेबंदी को रोकना और ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को वापस दिलाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।”
सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया, 30 से 60 दिनों की समय-सीमा को लेकर उन्होंने साफ किया कि यह समय तभी शुरू होगा जब दस्तावेज पर आधिकारिक रूप से सहमति बन जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमें देखना होगा कि अगले तीन से चार दिनों में क्या होता है।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस समय ईरान के परमाणु मुद्दे पर बातचीत का मुख्य फोकस नहीं है।
बाघेई ने पाकिस्तान को बातचीत में मुख्य मध्यस्थ बताया और कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों के आदान-प्रदान में उसकी भूमिका बहुत अहम है।
ईरान, अमेरिका और इजरायल ने 8 अप्रैल को 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद संघर्ष-विराम पर सहमति बनाई थी, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से हुई थी।
इसके बाद इस संघर्ष-विराम के बाद, ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक दौर की शांति वार्ता की थी, लेकिन उसमें कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया।
पिछले कुछ हफ्तों में दोनों पक्षों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष खत्म करने की शर्तों को लेकर कई प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया है।
--आईएएनएस
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