India US Security Framework : भारत-अमेरिका तनाव के बीच क्वाड, 2+2 की गति धीमी हुई : यूएस सीनेटर (आईएएनएस इंटरव्यू)

क्वाड और टू-प्लस-टू में धीमी प्रगति से भारत-अमेरिका सुरक्षा भरोसा प्रभावित।
भारत-अमेरिका तनाव के बीच क्वाड, 2+2 की गति धीमी हुई : यूएस सीनेटर (आईएएनएस इंटरव्यू)

वॉशिंगटन: अमेरिकी सांसद ने चेतावनी दी है कि क्वाड और टू-प्लस-टू डायलॉग समेत भारत-अमेरिका के अहम सुरक्षा फ्रेमवर्क में रफ्तार धीमी हो रही है। इसकी वजह यह है कि दोनों देशों के बीच तनाव इंडो-पैसिफिक में भरोसा बनाने की कोशिशों पर भारी पड़ रहा है। इस सिलसिले में अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन मार्क वार्नर ने आईएएनएस से खास बातचीत की।

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वापसी के बाद से हालात में काफी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ऐसे में पावरफुल सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन मार्क वार्नर ने कहा कि ट्रेडिशनल कूटनीति और सुरक्षा मैकेनिज्म के लिए लगातार राजनीतिक फोकस की जरूरत होती है। वार्नर का कहना है कि मौजूदा ट्रंप सरकार ने इस पर कम ध्यान दिया है।

वार्नर ने आईएएनएस को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, "ये ट्रेडिशनल कोशिशें जो टू प्लस टू और क्वाड को लेती हैं, कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मैकेनिज्म हैं।" उन्होंने भारत-अमेरिका और चार देशों के क्वाड ग्रुप के बीच मंत्री स्तर की बातचीत का जिक्र किया।

वार्नर ने कहा, "इनमें बहुत समय लगता है, बहुत एनर्जी लगती है। सीमित नतीजे भी मायने रखते हैं। भले ही वे छोटे-मोटे समझौते ही क्यों न हों, यह जरूरी है। इन मैकेनिज्म को नजरअंदाज किया जा रहा है। इन चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। यह एक लंबी चुनौती है।"

उन्होंने इस मंदी को भारत-अमेरिका संबंधों में बड़े तनाव से जोड़ा। वार्नर ने कहा, “मुझे लगता है कि क्वाड, इंडिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की गतिविधियों से सैन्य संबंध मजबूत होते दिख रहे हैं। मुझे लगता है कि यह जरूरी है।”

समझौता और साझेदारी को लेकर वार्नर ने कहा कि वॉशिंगटन के लगातार न जुड़ने से इस बात पर असर पड़ सकता है कि साथी देश अमेरिका की विश्वसनीयता को कैसे देखते हैं। मुझे चिंता होती है जब अमेरिकी साथी कहते हैं कि चीन यूएस से ज्यादा भरोसेमंद पार्टनर हो सकता है। ऐसी सोच बहुत परेशान करने वाली है। यह मुझे बहुत परेशान करता है।

वार्नर ने कहा, "यह चिंता भारत पर भी लागू होती है। अगर भारत सरकार के कोई भी अधिकारी यह कहते हैं कि शायद हम अमेरिका पर निर्भर नहीं रह सकते, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है। खराब रिश्ते सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं हैं। जब अमेरिका अपने साथियों और दोस्तों की बेइज्जती करता है, तो इससे भरोसे में कमी आती है।"

वार्नर ने कहा कि राजनीतिक टकराव के समय में भी स्थापित फ्रेमवर्क के जरिए लगातार बातचीत बनाए रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है। चीन के बढ़ते क्षेत्रीय असर के बीच, इंडो-पैसिफिक में सुरक्षा, सप्लाई चेन और स्थिरता पर सहयोग के लिए क्वाड एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म के तौर पर उभरा है।

भारत के लिए क्वाड और टू-प्लस-टू डायलॉग में लगातार तेजी को क्षेत्रीय पावर डायनामिक्स को संतुलित करने के साथ-साथ रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने और खास साझेदारों के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए जरूरी माना जाता है।

--आईएएनएस

 

 

 

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