India Kenya Relations : भारत-केन्या संसदीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा, उच्चायुक्त आदर्श स्वैका ने की अहम बैठक

भारत-केन्या संसदीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर, फ्रेंडशिप ग्रुप गठन पर चर्चा
भारत-केन्या संसदीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा, उच्चायुक्त आदर्श स्वैका ने की अहम बैठक

नैरोबी: केन्या गणराज्य में भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वैका ने बुधवार को नैरोबी में केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर मोसेस वेतांगुला से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने संसदीय आदान-प्रदान को और मजबूत करने और फ्रेंडशिप ग्रुप्स के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

बैठक के दौरान स्वैका ने मोसेस वेतांगुला को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का एक पत्र सौंपा। इस पत्र में भारतीय संसद में भारत-केन्या पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप के गठन की जानकारी दी गई थी।

भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, “उच्चायुक्त ने केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर मोसेस वेतांगुला से मुलाकात की और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का पत्र सौंपा, जिसमें भारत-केन्या संसदीय मैत्री समूह के गठन की जानकारी दी गई है।”

उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और मजबूत करने और मैत्री समूहों के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस बैठक में केन्या में भारत के संसदीय मैत्री समूह के संयोजक सांसद डेविड ओउमा ओचिएंग और समूह के सदस्य भारतीय मूल के सांसद रहीम दाऊद भी मौजूद थे।

आदर्श स्वैका ने मंगलवार को भी केन्या के युवा मामलों, क्रिएटिव इकॉनमी और खेल मंत्री सलीम मवुर्या से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच युवा सहयोग, खेल साझेदारी और क्रिएटिव सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। इसमें क्षमता निर्माण, टैलेंट एक्सचेंज और कौशल विकास जैसे विषय शामिल थे।

इसके अलावा स्वैका ने केन्या के गृह और राष्ट्रीय प्रशासन मंत्री किपचुम्बा मुरकोमेन से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत और केन्या के बीच संबंधों, उच्च स्तरीय यात्राओं, व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। खास तौर पर सुरक्षा और प्रशिक्षण सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत और केन्या हिंद महासागर में समुद्री पड़ोसी देश हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते अब एक मजबूत और बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं। इसमें नियमित उच्च स्तरीय यात्राएं, बढ़ता व्यापार और निवेश, और लोगों के बीच मजबूत संबंध शामिल हैं।

--आईएएनएस

 

 

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