हरदीप सिंह पुरी ने ईरान के तेल मंत्री से की तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

हरदीप सिंह पुरी ने ईरान के तेल मंत्री से की तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा

नई द‍िल्‍ली, 25 जून (आईएएनएस)। ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताब‍िक, गुरुग्राम (हरियाणा) में गुरुवार को आयोजित 11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के दौरान पाकनेजाद ने अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों और सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही। दोनों नेताओं ने तेल और ऊर्जा क्षेत्र में मिलकर काम करने, उसे मजबूत करने और नए अवसर तलाशने के महत्व पर जोर दिया।

भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में बताया, ''ईरान इस्लामी गणराज्य के पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने गुरुवार को भारत के गुरुग्राम में आयोजित 11वीं ब्र‍िक्‍स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक के मौके पर भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने तेल, गैस और ऊर्जा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, तेहरान और नई दिल्ली के बीच ऊर्जा संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।''

आईआरएनए की र‍िपोर्ट के अनुसार, भारत पहले ईरानी कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार रहा है, लेकिन 2019 में अमेरिका की ओर से ईरान के तेल निर्यात पर दोबारा प्रतिबंध लगाने के बाद भारत ने ईरान से तेल आयात रोक दिया था।

11वीं ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक 25-26 जून तक आयोजित की जा रही है। ब्रिक्स में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं और विकासशील देश शामिल हैं। इनमें भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में कहा, "ब्रिक्स एनर्जी मिनिस्टर्स की मीटिंग के दौरान ईरान के पेट्रोलियम मिनिस्टर मोहसेन पाकनेजाद से मुलाकात हुई। हमने एनर्जी सेक्टर में सहयोग करने के मौकों को देखा। भारत बातचीत, पार्टनरशिप और आपसी फायदे वाले जुड़ाव के जरिए एनर्जी सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए कमिटेड हैं।''

--आईएएनएस

एवाई/वीसी