पुणे, 15 जुलाई (आईएएनएस)। ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के तट के पास रविवार को 'जीएफएस ग्लैक्सी' नामक व्यापारी जहाज पर हुए हमले के बाद लापता हुए पुणे के मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई है। इस संबंध में मंगलवार को जानकारी सामने आई थी। इस खबर की पुष्टि बुधवार को हेरंब करमरकर के परिजनों और ससुर विवेक टंडन ने की है।
ओमान के तट के पास भारतीय नागरिकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाज जीएफएस ग्लैक्सी पर रविवार को हमला हुआ था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार 10 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है जबकि एक व्यक्ति के अभी भी लापता होने की खबर है।
हेरंब करमरकर के ससुर विवेक टंडन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमारा 30 साल का बच्चा था, कोई बुजुर्ग नहीं था। हमारी भारत सरकार से यही विनती है कि हमारे बच्चे की बॉडी सही सलामत हमें हैंडओवर की जाए और उसे उसके घर पहुंचा दिया जाए।"
इससे पहले, भारत ने इस हमले की निंदा की और इस इलाके में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाओं को "बेहद चिंताजनक" बताया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जारी खोज और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहा है। मंत्रालय ने सहयोग के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद भी किया।
ओमान में भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह जीएफएस गैलेक्सी जहाज से जुड़ी घटना पर बारीकी से नजर रख रहा है। दूतावास ने आगे कहा कि उसके अधिकारी ओमान के अधिकारियों, जहाज के मैनेजमेंट और संबंधित पक्षों के लगातार संपर्क में हैं और हर संभव मदद दे रहे हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'जीएफएस गैलेक्सी' पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया, जिससे उसका एक क्रू मेंबर लापता हो गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा, "व्यावसायिक जहाजों पर पहले हुए हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद ईरान को 'मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (समझौता ज्ञापन) का पालन करने का एक और मौका दिया गया था, लेकिन वह फिर से नाकाम रहा। इसके जवाब में अमेरिका ईरान की उस क्षमता को कम करके उसे भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर रहा है, जिसके जरिए वह जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से गुजरने वाले आम नाविकों और व्यावसायिक जहाजों पर आसानी से हमले करता है। ये हमले कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर किए जा रहे हैं।"
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के आसपास के समुद्री इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच हुई। इस रास्ते से दुनिया के कुल व्यापारिक तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है और यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत अहम है।