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हमलों की रणनीति में बुनियादी बदलाव के साथ तैयार है ईरान, अमेर‍िका देख चुका है नई म‍िसाइल क्षमता: रेजाई

हमलों

नई द‍िल्‍ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा क‍ि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों और ठिकानों के प्रति कार्रवाई की रणनीति में बुनियादी बदलाव किए गए हैं। ईरान की नई मिसाइल क्षमता वॉशिंगटन ने देख ली है। यह उनके ल‍िए चेतावनी की तरह है। अब अमेरिका के 'आर्थिक युद्ध' का जवाब 'समुद्री निषेध क्षेत्र' बनाकर दिया जाएगा।

रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''हाल के दिनों में ईरान की नई मिसाइलों ने वॉशिंगटन को एक साफ संदेश दिया है। यदि ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव या आर्थिक युद्ध जारी रखा गया, तो फारस की खाड़ी में समुद्री क्षेत्र पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा और नाकाबंदी के दायरे को बढ़ाया जाएगा।

सचिव मोहसिन रेजाई ने बताया क‍ि अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य ठिकानों के प्रति अपनाई जाने वाली रणनीति और सैन्य रुख में बुनियादी स्तर पर बदलाव किया गया है।

रेजाई ने दावा किया कि हाल के हमलों में ईरान ने पहली बार स्वदेशी रूप से विकसित एक एंटी-डिस्ट्रॉयर मिसाइल का परीक्षण अमेरिकी विमानवाहक पोत के ऊपर किया था। उन्होंने इसे इस बात की चेतावनी बताया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी कमजोर है।

उन्होंने कहा, “इस विशेष मिसाइल ने अमेरिकियों के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी और वे पीछे हट गए।”

एक द‍िन पहले ही रेजाई ने कहा था क‍ि ईरान आने वाले दिनों में होर्मुज स्‍ट्रेट के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को तेहरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा।

रेजाई ने कहा कि यह क्षेत्र उस रेखा से शुरू होगा जहां अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी शुरू होती है और इसका दायरा होर्मुज स्‍ट्रेट तक होगा। इसके अलावा, यह स्‍ट्रेट के दूसरे छोर की ओर फारस की खाड़ी के अंदर तक भी होगा।

उन्होंने कहा कि जो जहाज ईरान के साथ समन्वय किए बिना इस क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, उन पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं जिनका असर उनके बीमा कवरेज और भविष्य में इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति पर पड़ेगा।

रेजाई ने इस कदम को युद्ध और कूटनीति को लेकर ईरान की व्यापक रणनीति में बदलाव का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य अमेरिका पर दबाव बढ़ाना है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम