मॉस्को, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं।
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के अनुसार, मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर का दौरा रूस और भारत के बीच दशकों से बने संबंधों के स्तर को दिखाता है। दोनों देश सरकारी संबंधों, संसद के बीच संबंधों और आर्थिक सहयोग समेत लगभग सभी क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत-रूस ट्रेड टर्नओवर में बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने कहा, "मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस साल हमारा ट्रेड टर्नओवर बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है और इसका कुछ हिस्सा और शायद सबसे ज्यादा, प्रधानमंत्री मोदी की वजह से है, जो रूस-भारत के संबंधों को बेहतर बनाने पर व्यक्तिगत तौर पर ध्यान दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत की शुरुआत में, मैं आपसे प्रधानमंत्री मोदी को मेरी शुभकामनाएं देने के लिए कहना चाहूंगा। मुझे उम्मीद है कि हम जल्द ही उनसे मिलेंगे, जैसा कि हमने शंघाई सहयोग संगठन के फ्रेमवर्क के अंदर प्लान किया था, बहुत जल्द। हमारा शेड्यूल ऐसा है कि हम शायद इस साल फिर से मिल पाएंगे।"
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर और रूस के पहले उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव, जो इंटरगवर्नमेंटल कमीशन के रूसी हिस्से का नेतृत्व करते हैं, पहले ही सबसे जरूरी मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, "ऐसे बहुत सारे मुद्दे हैं। इनमें से एक मुद्दा सिर्फ ऊर्जा नहीं है, यह बेशक, फर्टिलाइजर सप्लाई भी है। हम भारतीय किसानों, खेती के लिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं। हम इन सप्लाई को बढ़ा रहे हैं और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं और परमाणु ऊर्जा, हाई-टेक सेक्टर में सहयोग और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े सभी दूसरे मुद्दे, ये सभी एजेंडा में हैं, और बढ़ोतरी काफी तेजी से हो रही है।"
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, "सबसे पहले, मैं आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से एक प्यार भरा अभिवादन देना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक निर्देश, एक संदेश दिया है, जिसे मैं आप तक पहुंचाना चाहता हूं।"
उनहोंने कहा, "आज सुबह हमारी इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की मीटिंग हुई थी। मेरे पास आपको हमारे आर्थिक सहयोग, परमाणु ऊर्जा, फर्टिलाइजर वगैरह के बारे में बताने के लिए एक बहुत अच्छी रिपोर्ट है। मैं इस पर विस्तार से बात करूंगा। मैं यह बताना चाहूंगा कि हमारा आर्थिक सहयोग काफी बढ़ा है।"
डॉ. जयशंकर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एससीओ समिट में आपसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं और यह भी उम्मीद करते हैं कि आपको ब्रिक्स समिट में शामिल होने और इस वार्षिक समिट की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। हमारे बीच सच में एक मजबूत द्विपक्षीय सहयोग है और मैं इस सम्मान के लिए आपको धन्यवाद देता हूं।
मीटिंग के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, डेनिस मंटुरोव, रूस के राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव, रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार और दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे।
--आईएएनएस
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