Ursula Von Der Leyen Statement : ईरान के हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता खतरे में है : ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर

होर्मुज संकट पर EU-UK वार्ता, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरे की चेतावनी।
ईरान के हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता खतरे में है : ईयू अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर

नई दिल्ली: यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के खतरे को लेकर चेतावनी दी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा, "कीर स्टार्मर के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने मिडिल ईस्ट और होर्मुज स्ट्रेट के हालात पर बात की। ईरान के कामों से वैश्विक आर्थिक स्थिरता खतरे में पड़ रही है। हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि नेविगेशन की आजादी जल्द से जल्द फिर से शुरू हो सके।"

उन्होंने आगे लिखा कि हमने आने वाले ईयू-यूके समिट पर भी बात की। पिछले साल के कमिटमेंट्स को पूरा करने और हमारी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए यह एक अहम पल है।

इसके अलावा, ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक वर्चुअल समिट होस्ट करेगा, जिसमें 35 देशों के प्रतिनिधि इस जरूरी जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल ऑप्शन पर विचार करने के लिए इकट्ठा होंगे। यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय साथियों की आलोचना करते हुए उनसे कहा है कि वे अपने लिए लड़ना सीखना शुरू करें।

बुधवार शाम को देश के नाम अपने 20 मिनट के संबोधन में ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की निर्भरता और इसके असरदार तरीके से बंद होने के दुनिया भर में पड़ने वाले असर को कम करके बताया।

यूके के पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को घोषणा किया, "ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर एक मीटिंग होस्ट करेंगी, जो पहली बार होर्मुज स्ट्रेट से संबंधित चिंता पर विचार और निष्कर्ष निकालने के लिए सभी देशों को एक साथ लाएगी। सभी देश उन सभी मुमकिन डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल उपायों को देखेंगे, जो नेविगेशन की आजादी को फिर से शुरू करने के लिए कर सकते हैं।”

एक ब्रिटिश अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया सीएनएन को बताया कि ब्रिटेन इस पहल पर अमेरिका के साथ काम करना जारी रखेगा, जो गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल सहित दूसरे खास साझोदारों को भी साथ लाता है।

स्टार्मर ने कहा कि मिलिट्री प्लानर्स को भी इस समिट में बुलाया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि संघर्ष खत्म होने के बाद हम अपनी क्षमताओं को कैसे तैयार कर सकते हैं और स्ट्रेट को कैसे आसान और सुरक्षित बना सकते हैं। हालांकि, पीएम स्टार्मर ने चेतावनी भी दी है कि 'यह आसान नहीं होगा।'

--आईएएनएस

 

 

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