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यूएस के प्रतिबंधों के बाद ईयू नेताओं ने आईसीसी का समर्थन किया

यूएस

ब्रसेल्स, 19 अगस्त (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं ने बुधवार को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के लिए मजबूत समर्थन जताया। यह समर्थन अमेरिका द्वारा कोर्ट के प्रेसिडेंट और एक सीनियर वकील पर प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद आया है।

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वे आईसीसी, उसकी प्रेसिडेंट टोमोको अकाने और इसके मिशन को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि आईसीसी दुनिया के कुछ सबसे भयानक अपराधों के पीड़ितों को न्याय दिलाने में मदद करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोर्ट के जजों और अधिकारियों को अपना काम आजादी से और बिना किसी बाहरी दबाव के करने में सक्षम होना चाहिए। शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी।

ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को आईसीसी के दो सीनियर अधिकारियों (जिनमें प्रेसिडेंट भी शामिल हैं) पर प्रतिबंध लगा दिए, क्योंकि वाशिंगटन ने हेग स्थित इस ट्रिब्यूनल के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा कि ये प्रतिबंध जापान की आईसीसी प्रेसिडेंट टोमोको अकाने और सेनेगल के आईसीसी सीनियर ट्रायल लॉकर अब्दुल सेये पर लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि वे उन अधिकारियों की जांच, गिरफ्तारी, हिरासत या उन पर मुकदमा चलाने की आईसीसी की कोशिशों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं, जिनकी सरकारों ने आईसीसी के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया है।

रुबियो ने कहा कि आईसीसी ने बार-बार उन देशों के नागरिकों पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश की है जिन्होंने इसके अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया है या रोम स्टैच्यू को मंजूरी नहीं दी है। यह सभी देशों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है।

इन प्रतिबंधों के तहत अमेरिकी लोगों को अकाने और सेये के साथ लेन-देन करने से रोका गया है और असल में इन दोनों अधिकारियों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया है।

अमेरिका रोम स्टैच्यू (वह संधि जिसने आईसीसी को बनाया) का हिस्सा नहीं है और वह गैर-सदस्य देशों के नागरिकों (अमेरिकी कर्मचारी और इजराइली अधिकारी शामिल) पर अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने की ट्रिब्यूनल की कोशिशों को खारिज करता है।

2024 में आईसीसी द्वारा गाजा संघर्ष से संबंधित युद्ध अपराधों और मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और तत्कालीन रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बाद तनाव बढ़ गया। आईसीसी का कहना है कि सदस्य देशों के भीतर किए गए कथित अपराधों पर उसका अधिकार क्षेत्र है, चाहे संदिग्ध की नागरिकता कुछ भी हो।

--आईएएनएस

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