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चीन के आर्थिक केंद्र शंघाई की गतिविधियों से मिल रहा आर्थिक सुस्ती बढ़ने का संकेत

चीन

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। चीन के सबसे समृद्ध, जीवंत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त कर चुके शहरों में से एक माने जाने वाला शंघाई में अब लंबे समय से जारी आर्थिक सुस्ती के बढ़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इससे चीन की व्यापक आर्थिक चुनौतियों की गंभीरता को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

'द डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, शहर की आर्थिक मुश्किलें कई कारकों के संयुक्त प्रभाव से सामने आई हैं। इनमें कोविड-19 लॉकडाउन का लंबे समय तक बना असर, रियल एस्टेट बाजार में जारी कमजोरी, स्थानीय सरकारों की खराब होती वित्तीय स्थिति, कमजोर उपभोक्ता खर्च, कुछ विदेशी कंपनियों और अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का शहर छोड़ना शामिल है।

यह आर्थिक सुस्ती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शंघाई को पारंपरिक रूप से चीन के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में से एक माना जाता रहा है।

जीडीपी के लिहाज से चीन की सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था होने के कारण शंघाई लंबे समय से देश के सबसे मजबूत राजस्व प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में शामिल रहा है। निवेश, व्यापार, उपभोग और वित्तीय गतिविधियों को गति देने में भी शहर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

हालांकि, हालिया वित्तीय आंकड़े संकेत देते हैं कि अब शंघाई पर भी दबाव बढ़ रहा है। चीन के वित्त मंत्रालय ने जुलाई के अंत में बताया कि 2026 की पहली छमाही के दौरान देश के 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में से कोई भी अपनी आय से पूरी तरह से अपने खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त राजस्व नहीं जुटा सका। सामूहिक रूप से स्थानीय सरकारों की राजकोषीय आत्मनिर्भरता दर केवल 56.3 प्रतिशत रही।

अपेक्षाकृत ऊंची आय और मजबूत आर्थिक आधार के बावजूद शंघाई भी अपने स्वयं के राजस्व स्रोतों से जितना जुटा रहा है, उससे अधिक खर्च कर रहा है। यह स्थिति स्थानीय वित्त पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है। रियल एस्टेट से जुड़ा राजस्व कमजोर हो रहा है, कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बना हुआ है और कर आधार भी प्रभावित हो रहा है।

शंघाई की आर्थिक स्थिति में गिरावट चीन की अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक महत्व रखती है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि देश की आर्थिक सुस्ती अब केवल मध्य और पश्चिमी चीन के कम विकसित क्षेत्रों तक सीमित नहीं है।

देश के सबसे समृद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े शहरों में से एक में बढ़ता वित्तीय दबाव कमजोर रियल एस्टेट गतिविधियों, सुस्त कारोबारी माहौल और घरेलू मांग में नरमी के व्यापक प्रभावों की ओर इशारा करता है।

व्यावसायिक क्षेत्रों में भी आर्थिक सुस्ती तेजी से दिखाई दे रही है। कभी भीड़भाड़ वाले शॉपिंग मॉल, रेस्तरां और कार्यालय परिसरों में अब लोगों की आवाजाही और कारोबारी गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। उपभोक्ता खर्च में भी नरमी आई है, जो परिवारों के बीच बढ़ती सावधानी और कमजोर आर्थिक माहौल को दर्शाती है।

--आईएएनएस

एबीएस