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एआई, सोशल मीडिया और ड्रोन बने आतंकियों के नए हथियार, सुरक्षा रणनीतियों में बदलाव जरूरी: यूएनएससी

आतंकवादी नई तकनीक का दुरुपयोग कर रहे, सुरक्षा उपायों में बदलाव जरूरी
एआई,

संयुक्त राष्ट्र, 12 सितंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हमले की 25वीं वर्षगांठ पर आतंकवाद से निपटने की रणनीतियों में बदलाव पर जोर दिया। यूएनएससी ने कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ड्रोन और उपग्रह जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे आतंकियों से मुकाबले के लिए देशों को अपने सुरक्षा उपायों को आधुनिक बनाना होगा।

सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से अपनाए गए एक प्रेस वक्तव्य में कहा, "सुरक्षा परिषद आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।"

परिषद ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवादियों के खिलाफ रणनीतियों को भी उसी अनुरूप विकसित करना होगा। आतंकवादी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, उपग्रह, सोशल मीडिया और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, इसलिए इनसे निपटने के लिए एक प्रभावी वैश्विक तंत्र विकसित करना आवश्यक है।

फ्रांस की पहल पर आयोजित यह बैठक 2001 में अलकायदा द्वारा किए गए आतंकी हमलों की याद में बुलाई गई थी। इस दौरान अक्सर वैश्विक शक्ति संघर्षों से विभाजित रहने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद के मुद्दे पर दुर्लभ एकजुटता दिखाई।

सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने अमेरिका में हुए आतंकी हमलों के पीड़ितों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा। इन हमलों में सबसे बड़ा हमला न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स पर हुआ था, जिसमें करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि माइक वाल्श ने कहा कि सुरक्षा परिषद में शामिल हर देश किसी न किसी रूप में आतंकवाद का शिकार रहा है। शायद यही वजह है कि जिस परिषद में अक्सर लगभग हर मुद्दे पर मतभेद देखने को मिलते हैं, वहां आतंकवाद की निंदा उन कुछ मुद्दों में शामिल है, जिन पर हम सभी एक साथ और सर्वसम्मति से खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज भी वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है और इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर काम करना होगा।

अमेरिकी सेना की विशेष ग्रीन बेरेट इकाई में अफगानिस्तान में सेवा दे चुके वाल्श ने कहा कि 9/11 हमलों के बाद से दुनिया भर में लाखों लोग आतंकवादी घटनाओं में मारे गए, घायल हुए, विस्थापित हुए, आतंकवादी संगठनों में भर्ती किए गए या फिर आतंकवाद के साए में जीवन जीने को मजबूर हुए हैं।"

सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जेरोम बोनाफोंट ने बैठक में कहा कि आतंकवादी समूह नई तकनीकों और आधुनिक वित्तीय प्रणालियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, आतंकवादी हमारी ही तकनीकी उपलब्धियों को हमारे खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां और जटिल हो गई हैं।

बैठक से पहले सुरक्षा परिषद के सदस्य न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्मारक पर भी गए, जहां काले ग्रेनाइट पर अंकित हमलों के पीड़ितों के नामों के बीच बने स्मृति कुंड के सामने उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

इस बीच, ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 9/11 के आतंकी हमलों को "मानवता पर हमला" बताते हुए कहा कि इन घटनाओं ने पूरी दुनिया पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। गुटेरेस ने कहा, "जब हम पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, तब हमें आतंकवाद मुक्त भविष्य के निर्माण के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को भी दोहराना चाहिए।" उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी