नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत बनाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की बहुत बड़ी ताकत बन रहा है। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है। पिछले 12 सालों में भारत का एक्सपोर्ट 35 गुना बढ़ गया है। देश में मोबाइल बनाने वाली यूनिट्स में 100 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बनाने वाला देश बन गया है। इस तेजी से हो रही तरक्की और विकास की वजह से, भारत अब सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
उन्होंने कहा कि 12 साल के समय में भारत का जीडीपी दोगुना हुआ है। आज भारत में एयरपोर्ट की संख्या भी दोगुनी हो गई है। भारत में यूनिवर्सिटी की संख्या भी दोगुनी हो गई है। भारत में आज हाईवे निर्माण की स्पीड तीन गुना हो गई है। साथ ही मेट्रो नेटवर्क ने तो चार गुना बढ़त बनाई है। आज भारत की कहानी सिर्फ इकोनॉमिक प्रोग्रेस की कहानी नहीं है। ये सोशल ट्रांसफॉर्मेशन की भी कहानी है।
पीएम ने कहा कि आज भारत न सिर्फ लोगों की पहचान को डिजिटल बना रहा है, बल्कि उसने लगभग 90 करोड़ नागरिकों के लिए 'यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी' भी बनाई है। इसके नतीजे में मेडिकल रिकॉर्ड अब सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे हेल्थकेयर सर्विस देना ज्यादा कुशल और सुविधाजनक हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर उपलब्धियां कुछ साल पहले तक अकल्पनीय लगती थीं। कौन सोच सकता था कि हाई-स्पीड इंटरनेट सबसे दूर-दराज के गांवों तक भी पहुंच जाएगा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भारत की आकांक्षाओं का नया युग है। जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, स्मार्ट लिविंग चाहते हैं। जहां रेल पहुंची है, वहां लोग हाई-स्पीड कनेक्टिविटी चाहते हैं। जहां हाइवे पहुंचा है, वहां लोग वर्ल्ड-क्लास एक्सप्रेसवे चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा, वहां लोग एआई और डिजिटल इनोवेशन में नेतृत्व चाहते हैं। आज भारत के लोग अपने जीवन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते हैं और भारत को भी नेक्स्ट लेवल पर ले जाना उनका संकल्प है। आज से 50 या 100 साल बाद जब इस कालखंड की समीक्षा होगी, तब ये बात उभर कर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की आकांक्षाओं ने ड्राइव किया। आज का भारत, भविष्य का पूरा इकोसिस्टम बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।
उन्होंने कहा कि आज का भारत भविष्य के लिए एक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। देश कई ऐसे सेक्टर में निवेश कर रहा है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, इनोवेशन और नए मौके पैदा करेंगे। एक समय था जब देशों के बीच रिश्ते सिर्फ व्यापार से तय होते थे, आज व्यापार के साथ-साथ ट्रस्ट भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। हर देश भरोसेमंद सप्लाई चेन चाहता है। हर देश स्टेबल पार्टनरशिप चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके, और ऐसे समय में भारत विश्व में एक 'ट्रस्टेड पार्टनर' के रूप में उभर रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम




