Brazil President Lula : ईरान संघर्ष पर ब्राजील के राष्ट्रपति ने अपने नागरिकों से किया वादा, नहीं पड़ने देंगे आर्थिक असर

ईरान संघर्ष पर लूला की चिंता, महंगाई और ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सख्त कदम
ईरान संघर्ष पर ब्राजील के राष्ट्रपति ने अपने नागरिकों से किया वादा, नहीं पड़ने देंगे आर्थिक असर

ब्रासीलिया: ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने गुरुवार को कहा कि वह यह अनुमान नहीं लगा सकते कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के हमले कब समाप्त होंगे, लेकिन उन्होंने ब्राजीलियाई लोगों को इस संघर्ष के आर्थिक प्रभाव से बचाने का संकल्प लिया।

स्थानीय टेलीविजन स्टेशन रिकॉर्ड बाहिया को दिए एक साक्षात्कार में लूला दा सिल्वा ने संघर्ष की अवधि को लेकर अनिश्चितता पर जोर दिया। उन्होंने कहा क‍ि युद्ध अभी चल रहा है, लेक‍िन एक बात मैं पक्‍की तरह से कह सकता हूं क‍ि हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं ताकि ईरान के खिलाफ इस गैर-जिम्मेदार युद्ध का असर लोगों की जेब पर न पड़े।

उन्‍होंने कहा क‍ि हम अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि का असर ट्रक ड्राइवरों की जेब पर, आम लोगों पर, गृहिणियों पर नहीं पड़ने देंगे। यही कारण है कि हम कई कदम उठा रहे हैं। ब्राजील में एक बहुत गंभीर निगरानी प्रक्रिया चल रही है।

राष्ट्रपति ने घरेलू ईंधन बाजार में सट्टेबाजी के खिलाफ चेतावनी दी और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए कड़े नियंत्रणों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वितरण शृंखला में संभावित अनियमितताओं का पता लगाने के लिए सुरक्षा बल निगरानी कर रहे हैं।

उनके अनुसार, उनकी सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए कर छूट और सब्सिडी जैसे कदम भी उठाए हैं।

इससे पहले एक अप्रैल को लूला दा सिल्वा ने कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ “गैर-जरूरी युद्ध” शुरू करने के लिए एक झूठा बहाना बनाया।

लूला ने ब्राजील के उत्तर-पूर्वी राज्य सिएरा में एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान में एक अनावश्यक युद्ध में शामिल हो गया, यह दावा करते हुए कि ईरान के पास परमाणु हथियार हैं या वे उन्हें बनाने की कोशिश कर रहे थे। यह एक झूठ है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बार-बार झूठ के आधार पर युद्ध किए हैं। उदाहरण के तौर पर इराक में कथित विनाशकारी हथियारों (डब्‍ल्‍यूएमडी) का हवाला दिया, जो कभी नहीं मिले। लूला ने कहा क‍ि यह सिर्फ एक बहाना है और युद्ध से कभी कुछ हल नहीं हुआ।

--आईएएनएस

 

 

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