नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया से पत्रकारों ने भारत-चीन संबंधों, भारत-मलेशिया और अन्य देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर अपनी राय रखी।
भारत-चीन संबंधों पर ग्लोबल टाइम्स, चीन की पत्रकार यी यी झांग ने आईएएनएस से कहा, "एक पत्रकार के तौर पर, चीन और भारत बड़े विकासशील देश हैं और ब्रिक्स के सदस्य हैं। इसलिए उनके बीच सहयोग की बहुत बड़ी संभावना है। मुझे लगता है कि द्विपक्षीय बैठक निश्चित रूप से आपसी विश्वास बढ़ाएगी और भविष्य में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाने में मदद करेगी। इसलिए हमें उम्मीद है कि इस शिखर सम्मेलन के बाद कई ठोस परिणाम सामने आएंगे।"
ब्रिक्स समिट पर एस्ट्रो अवानी, मलेशिया की पत्रकार यास्मिन नताशा ने कहा, "मुझे लगता है यह अच्छा है, खासकर मलेशिया के लिए, क्योंकि यह हमें एक-दूसरे से जोड़ने में मदद करता है। अभी हम भू-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों का सामना कर रहे हैं, और मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और अन्य आसियान देश भी ब्रिक्स के जरिए भारत से जुड़े हुए हैं। मुझे लगता है यह अच्छा है, खासकर मलेशिया की अर्थव्यवस्था के लिए। हमारे प्रधानमंत्री भी कल रात भारत आए हैं और भारत और मलेशिया के बीच काफी अच्छे संबंध हैं।"
नाइजीरिया की पत्रकार सराफिना क्रिस्टोफर ने कहा, "ब्रिक्स के बारे में मेरी राय है कि यह प्रभावशाली होने वाला है। मैंने ब्रिक्स को उसकी शुरुआत से फॉलो किया है और पहली बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वास्तव में काफी बड़ा है, जिसमें न केवल सदस्य देश बल्कि कई भागीदार देश भी शामिल हैं। नाइजीरिया भी एक भागीदार देश है और ब्रिक्स समिट से पहले हमारी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापार की मात्रा बढ़ाने को लेकर काफी उम्मीदें हैं।"
ब्रिक्स समिट में इंडोनेशिया की फ्रीलांस पत्रकार मेगा मे वाहिदावती ने कहा, "दोनों ही अद्भुत अनुभव हैं। मैंने सभी से जो सीखा है, वह वास्तव में मुझे भारतीय संस्कृति के बारे में सिखा रहा है। और रिश्तों की बात करें तो इंडोनेशिया और भारत बहुत करीब हैं, साझा इतिहास और संस्कृति के प्रभाव के साथ। उदाहरण के लिए, हमारी मुद्रा को रुपिया कहा जाता है और आपकी मुद्रा को रुपये कहा जाता है, दोनों का अर्थ समान है। हमारे देश का नाम इंडोनेशिया और आपका भारत भी समान है।"
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस







