साओ पाउलो, 6 सितंबर (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली बातचीत में ब्राजील की डिजिटल भुगतान प्रणाली 'पिक्स' का बचाव करेंगे। अमेरिका ने ब्राजील के साथ चल रहे टैरिफ विवाद में इस प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, साओ पाउलो राज्य के साओ जोस दो रियो प्रेटो में एक राजनीतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लूला ने कहा कि वह सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप से संभावित मुलाकात में यह मुद्दा उठाएंगे।
लूला ने कहा, “मैं संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप से मिलूंगा और उनसे कहूंगा कि वे पिक्स का इस्तेमाल करके देखें और समझें कि यह कितना अच्छा है।”
पिक्स को ब्राजील के केंद्रीय बैंक ने नवंबर 2020 में शुरू किया था। इसके जरिए लोग दिन के 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन तुरंत भुगतान और पैसे का ट्रांसफर कर सकते हैं। आज यह ब्राजील में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले भुगतान तरीकों में से एक बन चुका है।
लूला की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ब्राजील और अमेरिका के बीच व्यापारिक विवाद चल रहा है। इसमें कुछ ब्राजीली उत्पादों पर 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाए गए हैं और अमेरिका ने ब्राजील की डिजिटल भुगतान प्रणाली की भी आलोचना की है।
इससे पहले अगस्त में, ब्राजील के राष्ट्रपति ने वॉशिंगटन में ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द करने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की थी। उन्होंने इस कदम को 'गैर-जिम्मेदाराना और बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला' बताया था।
यूट्यूब चैनल 'मेटियोरो ब्राज़ील' को दिए एक इंटरव्यू में लूला ने कहा कि दो देशों के बीच 200 साल से ज्यादा पुराने कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए यह फैसला उचित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि अक्टूबर में होने वाले आम चुनावों से पहले ब्राजील किसी नए राजदूत को स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को राजदूत का वीजी रद्द करने की घोषणा की थी। अमेरिका का कहना था कि यह कदम ब्राजील की ओर से पिछले महीने दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजी देने से इनकार करने और ब्राजील में अमेरिकी राजदूत पद के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उम्मीदवार डैनियल पेरेज की मंजूरी में कथित देरी के जवाब में उठाया गया।
इसके जवाब में लूला ने कहा कि अमेरिका ने खुद भी ब्राजील में अपनी राजनयिक मौजूदगी को लेकर कोई खास जल्दबाजी नहीं दिखाई है। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से भी ज्यादा समय तक अमेरिकी दूतावास बिना किसी प्रमुख प्रतिनिधि के काम करता रहा।
इस तरह दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है, जबकि दोनों के संबंधों का इतिहास दो शताब्दियों से भी अधिक पुराना है।
--आईएएनएस
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