नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय विदेश मंत्रालय ने लाल सागर में भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हूती विद्रोहियों के हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए।
मंत्रालय ने बताया कि 'फैजे नूरे ओलिया' नामक मालवाहक जहाज मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद डूब गया। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमले को अंजाम दिया।
मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमन के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से संपर्क और समन्वय कर रहा है।
हम यमन के अधिकारियों की ओर से दिए गए सहयोग और सहायता के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। इस इलाके में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर 'फैजे नूरे ओलिया' नामक जहाज के चालक दल को बचाया। यह जहाज हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ था।
बयान के अनुसार, जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उन्हें चिकित्सकीय सहायता भी दी गई और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एनआरएफ ने इस हमले के लिए यमन के हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन अभी तक हूतियों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।