नई दिल्ली, 08 सितंबर (आईएएनएस)। आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर पहुंचने में साठ साल लगे। साल 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था दो ट्रिलियन डॉलर की थी। पिछले दस-बारह सालों में वह दो गुनी हो गई है। जब सारी दुनिया अर्थव्यवस्था ग्रोथ को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय 2026-27 के पहले क्वार्टर में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ पर है। यह बात मंगलवार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। वह श्रीलंका में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड 38 हजार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है। यह 2013-14 में 686 करोड़ रुपए था। यहां उन्होंने कहा, “भारत में पिछले दस-बारह सालों में एक डिजिटल क्रांति हुई है। आज हर हाथ में आपको स्मार्टफोन देखने को मिलेगा, जिसमें सारी सर्विसेज कंवर्ज हो रही हैं। साल 2014 में देश में 6 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, जो आज 100 करोड़ तक पहुंच गए हैं। भारत की अर्थव्यवस्था, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में गिनी जाती है। आज भारत, दुनिया की ग्रोथ में 16 परसेंट से ज्यादा का योगदान दे रहा है इन्वेस्टमेंट और निर्यात के मामले में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी निरंतर बढ़ रही है। साल 2014 में भारत से एक्सपोर्ट होने वाली गुड्स एंड सर्विसेज की वैल्यू 45 लाख करोड़ रुपए की थी जो साल 2025-26 में बढ़ कर 79 लाख करोड़ पहुँच चुकी है।”
उन्होंने बताया कि देश में इलेक्ट्रिक गुड्स के प्रोडक्शन में एक क्रांति देखने को मिली है। साल 2014 में इलेक्ट्रिक वस्तुओं का उत्पादन की वैल्यू केवल 1.9 लाख करोड़ था, जो लगभग 500 परसेंट बढ़ कर 11 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। जबकि इसके एक्सपोर्ट्स में तो 700 परसेंट की वृद्धि हुई है। यानि इलेक्ट्रॉनिक गुड्स का एक्सपोर्ट जो करीब 38000 करोड़ रुपए का था, वह बढ़ कर तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। इसी तरह मोबाइल मैनुफैक्चरिंग में भारत आज चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है। साल 2014 में देश में केवल दो मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स थी, आज करीब तीन सौ से अधिक मोबाइल मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स हैं।
रक्षा मंत्री का कहना था कि 2014 तक भारत 50 हजार करोड़ रुपए के आसपास के ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट करता था। आज भारत एक साल में एक लाख बीस हजार करोड़ रुपए के ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट कर रहा है। मोबाइल मैनुफैक्चरिंग पहले केवल 18000 करोड़ रुपए की वैल्यू की थी, जो आज 28 गुना बढ़ कर 5.5 लाख करोड़ रुपए हो गई है। मोबाइल एक्सपोर्ट्स तो पहले नाम मात्र का था, जो करीब 163 गुना बढ़ कर 2.6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले बारह सालों में भारत में टैक्स सिस्टम में जबरदस्त रिफॉर्म्स हुए हैं। जीएसटी की बात करें तो इसके कारण देश में वन नेशन वन टैक्स की व्यवस्था लागू हुई है। पिछले बारह वर्षों में भारत ने 38 देशों के साथ ट्रेड डील्स की हैं। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच जो फ्री ट्रेड समझौता हुआ है, उसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। यह समझौता लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर के बड़े ईयू मार्केट का रास्ता खोलता है।
उन्होंने कहा, “आपको आश्चर्य होगा कि केवल अगस्त महीने में रिकार्ड 23.66 बिलियन यूपीआई ट्रांजैक्शंस हुए हैं और इनकी वैल्यू है 29.88 लाख करोड़ रुपए। यह भी एक नया रिकार्ड है। आज यूपीआई की सुविधा कई देशों में भी पहुंच गई है। आज यूपीआई को लॉन्च हुए दस साल हो गए हैं और इन दस सालों में यूपीआई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। साल 2016-17 में यूपीआई लेनदेन की वैल्यू केवल 7000 करोड़ रुपए थी जो बढ़कर 2025-26 में 314 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है।
--आईएएनएस
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