भारत और फिनलैंड ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी पर रणनीतिक साझेदारी के विकास की समीक्षा की

भारत और फिनलैंड ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी पर रणनीतिक साझेदारी के विकास की समीक्षा की

हेलसिंकी, 11 जून (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर दो दिवसीय बुल्गारिया और फिनलैंड के दौरे पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को हेलसिंकी में अपनी फिनिश समकक्ष एलिना वाल्टोनेन के साथ डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में भारत-फिनलैंड रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की।

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज हेलसिंकी में फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन से मिलकर अच्छा लगा।”

उन्होंने आगे कहा, “डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी पर हमारी रणनीतिक साझेदारी के विकास की समीक्षा की। स्टार्ट-अप्स, एआई, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल्स, क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6जी, स्वच्छ ऊर्जा और स्पेस पर सहयोग को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही, हमारे राजनीतिक जुड़ाव की रफ्तार बनाए रखते हुए, व्यापार और निवेश को गहरा करने पर भी सहमत हुए।”

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने यह भी कहा कि वह गुरुवार को बाद में होने वाली कुलटारेंटा टॉक्स में फिनलैंड के नेतृत्व और दूसरे साथियों के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं।

वोल्टोनन ने एक्स पर लिखा, "अपने भारतीय साथी, विदेश मंत्री एस जयशंकर का हेलसिंकी में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। फिनलैंड और भारत के बीच बहुत अच्छे आपसी संबंध हैं। हम अपने व्यापारिक संबंधों को और गहरा करते रहेंगे और डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी में काफी संभावनाएं देखते हैं।"

विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. एस जयशंकर 'बदलाव में दुनिया: वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय नजरिए' थीम पर कुलटारेंटा टॉक्स के 14वें एडिशन में शामिल होंगे। विदेश मंत्री अपने समकक्ष और फिनलैंड की लीडरशिप के साथ भी मीटिंग करेंगे।

भारत और बुल्गारिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर जोर देते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि इस संबंध को एक ज्यादा आधुनिक और आगे की सोच वाली साझेदारी में बदलना चाहिए, जिसमें दोनों पक्षों की राजनीतिक सोच एक जैसी हो।

सोफिया में बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा से अपनी मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “आज हमारी बातचीत के तीन पहलू थे। पहला, भारत और बुल्गारिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग। दूसरा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी और तीसरा, हमारे दोनों देश मिलकर दुनिया के लिए क्या कर सकते हैं। मैं ज्यादातर इसी पर बात करने के लिए यहां आया था।

उन्होंने कहा, “जहां तक भारत-बुल्गारिया के संबंधों की बात है, ये बहुत पुराने और बहुत आरामदायक हैं। हमारा काम इसे आज के जमाने के और आगे की सोच वाले संबंधों में बदलना है। जैसा कि हमारी बातचीत से पता चला है, राजनीतिक रूप से हमारे कई नजरिए और नजरिए एक जैसे हैं।”

--आईएएनएस

केके/डीकेपी